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मिशन मधुमेह: आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का संगम

-उषा रावत – भारत में मधुमेह (डायबिटीज) तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान,

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जलवायु परिवर्तन और विकास असंतुलन से बढ़ रहा उत्तराखंड का पलायन संकट, खाली हो रहे पहाड़ी गांव

  देहरादून, 7 जून। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ता पलायन अब केवल रोजगार की तलाश तक सीमित नहीं रह

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भारत के स्वास्थ्य परिदृश्‍य में हुए बदलाव

– A PIB FEATURE- पिछले 12 वर्षों में सरकार ने भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ किया है। 44 करोड़ से अधिक परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के दायरे में लाया गया है तथा 1.86 लाख से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य-रक्षा केंद्र संचालित किए गए हैं। 18,000+ जन औषधि केंद्रों के माध्यम से जेनेरिक दवाएँ बाजार मूल्य की तुलना में 50–90 प्रतिशत कम कीमतों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। 47 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं। भारत में मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। वर्ष 2014 के बाद से 12 नए एम्स कार्यशील हो चुके हैं। पारंपरिक चिकित्सा को औपचारिक रूप से सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में एकीकृत किया गया है। वर्ष 2014 के बाद से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। तपेदिक (टीबी) की घटनाओं में वैश्विक औसत की तुलना में दोगुनी दर से कमी आई है तथा मलेरिया की रुग्णता में 78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। विभिन्न अन्य रोगों की व्यापकता में भी कमी आ रही है। समग्र रूप से ये उपलब्धियाँ सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में भारत की निरंतर प्रगति को दर्शाती हैं   सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की ओर पिछले 12 वर्षों में भारत ने अपनी सार्वजनिक

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