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उत्तराखंड को केंद्र से मिले 1,244 करोड़ रुपये, विकास योजनाओं को मिलेगी वित्तीय गति

 

केंद्र ने राज्यों को जारी किए 1.09 लाख करोड़ रुपये, उत्तराखंड को हिमाचल प्रदेश से 248 करोड़ अधिक मिले

नई दिल्ली, 6 नवंबर। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को केंद्रीय करों में उसकी हिस्सेदारी के रूप में 1,244 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह राशि नवंबर महीने की नियमित कर हस्तांतरण किस्त के अंतर्गत दी गई है। त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने निर्धारित तिथि से पांच दिन पहले ही राज्यों को धनराशि उपलब्ध करा दी है। इससे उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे के निर्माण और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता बढ़ेगी।

केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र सरकार ने 5 नवंबर को देश के 28 राज्यों को कुल 1,09,019 करोड़ रुपये जारी किए। सामान्यतः केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी की मासिक किस्त 10 नवंबर को जारी की जाती है, लेकिन इस बार त्योहारों के दौरान राज्यों की वित्तीय जरूरतों और विकास संबंधी खर्च को ध्यान में रखते हुए इसे अग्रिम रूप से जारी किया गया है।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए यह राशि विशेष महत्व रखती है। राज्य में सड़क, पुल, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता बनी रहती है। विशेषकर दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की लागत मैदानी क्षेत्रों की तुलना में अधिक होती है। ऐसे में केंद्रीय करों से मिलने वाली धनराशि राज्य की वित्तीय स्थिति को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

केंद्र से प्राप्त यह राशि किसी विशेष परियोजना के लिए स्वीकृत अनुदान नहीं, बल्कि केंद्रीय करों में राज्य की निर्धारित हिस्सेदारी है। राज्य सरकार अपने बजटीय प्रावधानों और वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुसार इसका उपयोग कर सकती है। इससे पहले से स्वीकृत विकास कार्यों के भुगतान, निर्माण परियोजनाओं और विभिन्न विभागों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिल सकती है।

राज्यवार वितरण के अनुसार उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक 19,208 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके बाद बिहार को 10,845 करोड़, मध्य प्रदेश को 8,010 करोड़, पश्चिम बंगाल को 7,866 करोड़ और महाराष्ट्र को 7,022 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। राजस्थान को 6,460 करोड़, ओडिशा को 4,819 करोड़ और आंध्र प्रदेश को 4,597 करोड़ रुपये मिले हैं।

पर्वतीय राज्यों की तुलना करें तो उत्तराखंड को हिमाचल प्रदेश से अधिक धनराशि प्राप्त हुई है। हिमाचल प्रदेश को 996 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि उत्तराखंड का हिस्सा 1,244 करोड़ रुपये है। इस प्रकार उत्तराखंड को हिमाचल से 248 करोड़ रुपये अधिक मिले हैं। हालांकि दोनों राज्यों की वित्तीय आवश्यकताओं और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी का निर्धारण अलग-अलग मानकों के आधार पर होता है।

उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था में केंद्रीय सहायता और कर हस्तांतरण का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित औद्योगिक आधार, आपदा संबंधी चुनौतियों और पर्वतीय क्षेत्रों में विकास की अपेक्षाकृत अधिक लागत के कारण वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता लगातार बनी रहती है। ऐसे में नियमित कर हस्तांतरण की किस्त समय से पहले मिलने से राज्य सरकार को अपने व्यय प्रबंधन में अतिरिक्त सुविधा मिल सकती है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी का वितरण वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर निर्धारित व्यवस्था के अंतर्गत किया जाता है। यह राज्यों का संवैधानिक वित्तीय अधिकार है। इसलिए इसे केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली अतिरिक्त आर्थिक सहायता या विशेष पैकेज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

त्योहारी सीजन के बीच अग्रिम रूप से जारी इस धनराशि से उत्तराखंड सरकार को अपनी विकास और कल्याण संबंधी वित्तीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि राज्य सरकार उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कितनी कुशलता और प्राथमिकता के साथ करती है।

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