Front Page

दिल्ली में 28 अप्रैल को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की बैठक चीन के रक्षा मंत्री भी भाग लेंगे

China on April 25 announced that its Defence Minister General Li Shangfu will visit India this week to attend the meeting of SCO Defence Ministers from April 27 during which he is expected to hold talks with his Indian counterpart Rajnath Singh on ending the prolonged eastern Ladakh standoff which has severely strained bilateral ties.
-uttarakhandhimalaya.in —
नयी दिल्ली, 26  अप्रैल। भारत में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के अध्यक्ष के रूप में नई दिल्ली में 28 अप्रैल 2023 को शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) 2001 में स्थापित एक अंतर सरकारी संगठन है। शंघाई सहयोग संगठन की सदस्यता में भारत के अलावा कजाकिस्तान, चीन, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। सदस्य देशों के अलावा, दो पर्यवेक्षक देश बेलारूस और ईरान भी 28 अप्रैल को शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेंगे।
Chinese Defence Minister General Li Shangfu

रक्षा मंत्री अन्य मुद्दों के अलावा क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा, शंघाई सहयोग संगठन के भीतर आतंकवाद विरोधी प्रयासों और एक प्रभावी बहुपक्षवाद से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

वर्ष 2023 में भारत की शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता का विषय ‘शंघाई सहयोग संगठन को सुरक्षित करना’ है। भारत इस क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को प्रोत्साहन देने में शंघाई सहयोग संगठन को विशेष महत्व देता है। शंघाई सहयोग संगठन के साथ चल रहे संपर्क ने भारत को उस क्षेत्र के देशों के साथ अपने संबंधों को प्रोत्साहन देने में सहायता की है जिसके साथ भारत ने सभ्यतागत संबंध साझा किए हैं, और इसे भारत का विस्तारित पड़ोस माना जाता है।

शंघाई सहयोग संगठन सदस्य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने, सभी सदस्य देशों की समानता और उनमें से प्रत्येक की राय के लिए आपसी समझ और सम्मान के सिद्धांतों के आधार पर अपनी नीति का पालन करता है।

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान भाग लेने वाले देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!