घटती छात्र संख्या से प्राथमिक विद्यालयों के अस्तित्व पर संकट, शिक्षा समिति ने जताई चिंता
सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने और शैक्षणिक व्यवस्था सुधारने के लिए कई प्रस्ताव पारित

थराली, 3 नवंबर (हरेन्द्र बिष्ट)। विकासखंड देवाल की ब्लॉक शिक्षा समिति की बैठक में सरकारी विद्यालयों में लगातार घटती छात्र संख्या और शिक्षकों की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक में जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों से सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया।
ब्लॉक सभागार देवाल में ज्येष्ठ प्रमुख एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष दीपक गड़िया की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, विद्यालय भवनों का समुचित रखरखाव करने, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा शौचालयों की नियमित सफाई पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया गया।
ज्येष्ठ प्रमुख दीपक गड़िया ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए अभिभावकों को अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी विद्यालयों में कराने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। उन्होंने विकासखंड के विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त करते हुए इन पदों को भरवाने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।
खंड शिक्षा अधिकारी योगेश सेमवाल ने विकासखंड की शैक्षणिक स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि लगातार घटती छात्र संख्या के कारण कई प्राथमिक विद्यालयों के बंद होने का खतरा पैदा हो गया है। इन विद्यालयों का अस्तित्व बचाने के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करके ही अभिभावकों का विश्वास बढ़ाया जा सकता है।
खंड शिक्षा अधिकारी जयदीप बेरवाण ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का समग्र विकास वहां की शिक्षा व्यवस्था की मजबूती पर निर्भर करता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से शैक्षणिक संस्थानों के विकास के लिए प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने की अपील की।
बैठक में राजकीय इंटर कॉलेज देवाल, सवाड़, ल्वाणी, मुंदोली, वाण, घेस, मेलखेत और बोरागाड़ के अलावा राजकीय कन्या हाईस्कूल देवाल, जनता हाईस्कूल सरकोट तथा विभिन्न जूनियर हाईस्कूलों और प्राथमिक विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर पंचायत प्रतिनिधि दलवीर राम, उर्वी दत्त जोशी सहित अन्य सदस्यों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संबंध में अपने सुझाव रखे। बैठक में विद्यालयों की समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षा विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

