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देहरादून में 300 रुपये के विवाद ने ली तीन जान, बुजुर्ग दंपती और मदद को पहुंची महिला की हत्या

 

देहरादून, 7 अक्टूबर। राजधानी के रायपुर थाना क्षेत्र की विष्णुलोक कॉलोनी में मंगलवार दोपहर हुई तिहरे हत्याकांड की वारदात ने शहर को झकझोर दिया। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार प्लंबर का काम करने वाले राजकुमार ने महज 300 रुपये के भुगतान को लेकर हुए विवाद के बाद बुजुर्ग दंपती रमेश कपूर और रजनी कपूर पर पेचकस से हमला कर दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर मदद के लिए पहुंची पड़ोस में काम करने वाली तिलया देवी उर्फ शीला को भी आरोपी ने निशाना बनाया। तीनों की मौत हो गई।

मृतक रमेश कपूर की उम्र करीब 80 वर्ष थी और वह ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से सेवानिवृत्त थे। उनकी पत्नी रजनी कपूर की उम्र करीब 75-76 वर्ष बताई गई है। वह सेवानिवृत्त शिक्षिका थीं। दंपती विष्णुलोक कॉलोनी में अकेले रहते थे। उनके दो बेटे दिल्ली और पुणे में कार्यरत बताए गए हैं। तीसरी मृतका तिलया देवी उर्फ शीला पड़ोस के घर में काम करती थीं। विभिन्न रिपोर्टों में उनकी उम्र 48 से 55 वर्ष के बीच बताई गई है।

दो साल से घर आता था आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी राजकुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है और देहरादून में रहकर प्लंबर का काम करता था। वह करीब दो वर्षों से कपूर दंपती के घर प्लंबिंग संबंधी काम करने आता-जाता था। इसलिए परिवार उसे पहले से जानता था। मंगलवार को भी उसे घर में मरम्मत का काम करने के लिए बुलाया गया था।

काम पूरा होने के बाद भुगतान को लेकर विवाद हुआ। पुलिस के सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक बात 300 रुपये की मजदूरी पर बिगड़ी। हालांकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में 300 से 600 रुपये के लेन-देन का उल्लेख भी आया है। पुलिस की बाद की जानकारी और कई समाचार रिपोर्टों में विवाद की राशि 300 रुपये बताई गई है।

विवाद के बाद पेचकस से हमला
पुलिस के अनुसार कहासुनी बढ़ने के बाद आरोपी ने अपने पास मौजूद पेचकस से बुजुर्ग दंपती पर हमला कर दिया। दोनों के चीखने की आवाज आसपास तक पहुंची। उसी समय पड़ोस में काम कर रही तिलया देवी उर्फ शीला मदद के लिए कपूर दंपती के घर पहुंचीं। बताया गया कि उन्होंने हमलावर को रोकने और दंपती को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उन पर भी पेचकस से हमला कर दिया।तीनों गंभीर रूप से घायल होकर घर के अंदर गिर पड़े।
दोपहर करीब तीन बजे सामने आई वारदात
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार रायपुर पुलिस को करीब 3:10 बजे सूचना मिली कि विष्णुलोक कॉलोनी में लोगों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ रखा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर तीन लोग गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिले। उन्हें कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
घटना का समय मोटे तौर पर दोपहर ढाई से तीन बजे के बीच बताया जा रहा है।
भागने से पहले स्थानीय लोगों ने दबोचा
वारदात के बाद आरोपी ने वहां से निकलने का प्रयास किया, लेकिन आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से वारदात में प्रयुक्त बताया जा रहा पेचकस और एक सोने की चेन बरामद होने की बात कही गई है।

सोने की चेन की बरामदगी के कारण पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि मजदूरी के विवाद के बाद आरोपी की नीयत लूट की ओर तो नहीं मुड़ी। शुरुआती खबरों में वारदात को लूट से जोड़कर देखा गया था, लेकिन बाद की पुलिस जांच में 300 रुपये के भुगतान को लेकर हुआ विवाद प्रमुख कारण के रूप में सामने आया।

सीसीटीवी में अकेला जाता दिखाई दिया आरोपी
पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली है। जांच में आरोपी को घटना से पहले अकेले कपूर दंपती के घर की ओर जाते हुए देखे जाने की जानकारी सामने आई है। इससे पुलिस फिलहाल इस संभावना पर काम कर रही है कि वारदात में आरोपी अकेला था। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य भी जुटाए हैं।

रायपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि 300 रुपये के विवाद से तीन हत्याओं तक घटनाक्रम वास्तव में किस क्रम में पहुंचा और सोने की चेन उसके पास कैसे आई।
मदद के लिए पहुंची और खुद बनी शिकार
इस हत्याकांड का सबसे मार्मिक पहलू तिलया देवी उर्फ शीला की मौत है। वह घटना के समय कपूर दंपती के घर में काम नहीं कर रही थीं, बल्कि पड़ोस के एक घर में काम कर रही थीं। बुजुर्ग दंपती की चीखें सुनकर वह सहायता के लिए दौड़ीं। पुलिस के अनुसार बीच-बचाव करने के दौरान आरोपी ने उनके पेट पर भी पेचकस से हमला किया।

घटना से विष्णुलोक कॉलोनी और आसपास के इलाके में दहशत है। परिचित प्लंबर को घर में बुलाने और मामूली भुगतान विवाद के कथित रूप से तीन हत्याओं में बदल जाने से बुजुर्गों की सुरक्षा का सवाल भी सामने आया है।

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