क्षेत्रीय समाचार

रिखणीखाल की द्वारी-भौन सड़क की बदहाली से दुर्घटनाओं का खतरा, सुरक्षा अवरोधक लगाने की मांग

31 किलोमीटर लंबे पहाड़ी मार्ग पर डामरीकरण और सुरक्षा इंतजामों का अभाव, ग्रामीणों ने उठाए सवाल

रिखणीखाल, 19 अक्टूबर (प्रभुपाल रावत)। लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रिखणीखाल विकासखंड में 31 किलोमीटर लंबे द्वारी-भौन मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर वर्षों से डामरीकरण नहीं होने, जगह-जगह गड्ढे बनने तथा खतरनाक मोड़ों और गहरी खाइयों के किनारे सुरक्षा अवरोधक नहीं लगाए जाने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत, डामरीकरण, झाड़ी कटान तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा अवरोधक लगाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार द्वारी-भौन मोटर मार्ग का अधिकांश हिस्सा दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। कई स्थानों पर सड़क के एक ओर ऊंची चट्टानें और दूसरी ओर गहरी खाइयां हैं। इसके बावजूद मार्ग पर वाहनों को खाई में गिरने से रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा अवरोधक नहीं लगाए गए हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जगह-जगह गड्ढों और क्षतिग्रस्त सतह के कारण वाहनों के टायर पंचर होने तथा अन्य तकनीकी समस्याएं उत्पन्न होने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि बीते अगस्त महीने में द्वारी गांव के निकट चट्टानी हिस्से में एक खाद्यान्न सामग्री ले जा रहा वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं के बावजूद सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। उनका मानना है कि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

ग्राम पंचायत प्रधान सरिता मैंदोला ने सड़क की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे मार्ग का निरीक्षण कर दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की जानी चाहिए। विशेष रूप से तीखे मोड़ों, संकरे रास्तों और गहरी खाइयों के किनारे डब्ल्यू-बीम क्रैश बैरियर अथवा मजबूत गार्डरेल लगाए जाने की आवश्यकता है। इन सुरक्षा अवरोधकों पर प्रकाश परावर्तक संकेतक भी लगाए जाने चाहिए, ताकि रात के समय और खराब मौसम में वाहन चालकों को सड़क की सीमाओं का स्पष्ट पता चल सके।

उन्होंने कहा कि सड़क पर सुरक्षा अवरोधकों का अभाव यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पहाड़ी मार्गों पर मामूली चूक भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सड़क की मरम्मत के साथ सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और शासन-प्रशासन से द्वारी-भौन मोटर मार्ग पर शीघ्र डामरीकरण कराने, सड़क किनारे उगी झाड़ियों की सफाई करने तथा आवश्यक स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क का निर्माण मात्र पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका नियमित रखरखाव और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना भी जरूरी है। ग्रामीणों ने चेताया कि सुरक्षा संबंधी खामियों की अनदेखी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

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