राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, अल्मोड़ा के आधुनिकीकरण पर जोर
The Almora branch of the Academy, known as the Revenue Police and Land Survey Training Institute, conducts a range of in-service and foundational training programmes throughout the year. These include short- and long-term courses for mid- and lower-level officers of the Revenue Department, as well as long-term induction programmes for state-level civil service officers selected through the Combined State Civil Services examination. The institute provides training for newly appointed Patwaris, Supervisor Kanungos and Tehsildars. It also offers computer training, courses on computerisation of land records, and land survey training for all revenue officers.
देहरादून, 4 अगस्त। राजस्व परिषद के सभागार में मंगलवार को आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद श्रीमती रंजना राजगुरु की अध्यक्षता में राजस्व पुलिस एवं भूलेख सर्वेक्षण संस्थान, अल्मोड़ा के सुदृढ़ीकरण और आधुनिकीकरण को लेकर बैठक हुई। बैठक में संस्थान को वर्तमान प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
बैठक में आयुक्त एवं सचिव ने कहा कि यह संस्थान राजस्व विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों और कर्मचारियों, विशेषकर नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक तथा राजस्व उप निरीक्षक (पटवारी/लेखपाल) के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण व्यवस्था ऐसी हो जिससे प्रशिक्षु आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं, सुशासन, पारदर्शिता और भू-अभिलेख प्रबंधन में दक्ष बन सकें तथा आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें।
उन्होंने आधुनिक भू-सर्वेक्षण तकनीकों पर आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने, अनुभवी प्रशिक्षकों की समय-समय पर नियुक्ति सुनिश्चित करने तथा डीजीपीएस रोवर, ईटीएस सहित आधुनिक सर्वेक्षण उपकरणों और नवीन सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड्स मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (DILRMP) के तहत उपलब्ध बजट का समयबद्ध और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने, आधुनिक प्रशिक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने तथा जीआईएस और ई-गवर्नेंस से संबंधित विभागीय सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत होने पर तत्काल प्रस्ताव राजस्व परिषद को भेजने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान संस्थान के आवासीय और गैर-आवासीय भवनों, छात्रावास, प्रशिक्षण मैदान तथा पुस्तकालय की स्थिति की समीक्षा की गई। जर्जर भवनों की मरम्मत, आवश्यक निर्माण कार्यों, प्रशिक्षण मैदान के उन्नयन तथा इसके लिए बजट स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशिक्षुओं के लिए छात्रावास, मेस, स्वच्छ वातावरण और अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी बल दिया गया।

