रिद्धि-सिद्धि भवन में अनंतानंत सिद्ध भगवंतों की हुई आराधना

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तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में अष्टाह्निका महापर्व पर श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शंखनाद, आठ दिन तक श्रावक-श्राविका रहेंगे पूर्ण शुद्धि के साथ भक्ति में लीन

मुरादाबाद, 2 नवंबर  (उ  हि )।अष्टाह्निका महापर्व और विभिन्न रिद्धि-सिद्धियों के प्रदाता श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं पुण्यार्जक श्री सुरेश जैन और उनके परिजनों ने विधि-विधान के बीच ध्वजारोहण करके किया। यूनिवर्सिटी के ग्रुप वाइस चेयरमैन श्री मनीष जैन ने दिव्यघोष और ढोल-नगाड़ों के साथ श्रीजी की प्रतिमा को पालकी के साथ लेकर रिद्धि-सिद्धि भवन में विराजमान किया। भवन के विधान पंडाल में शुद्धि करते हुए घटयात्रा और सकलिकरण की क्रियाएं सम्पन्न हुईं। रजत पांडुक शिला पर विराजमान भगवान के अभिषेक और शांतिधारा के बाद ब्रह्मचारी श्री ऋषभ शास्त्री ने सिद्ध चक्र महामंडल विधान की पूजा कराई। 08 नवम्बर तक चलने वाले इस विधान में पूजा की समयावधि दिन प्रतिदिन बढ़ती जाती है, जिसमें विभिन्न बीजाक्षरों के मंत्रों का वाचन किया जाता है। अर्घ अर्पित किए जाते हैं। प्रतिदिन सांध्यकालीन में आरती और प्रवचन हो रहे हैं। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में देश के विभिन्न राज्यों-यूपी के अलावा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम आदि से आए श्रावक-श्राविकाएं धर्म लाभ ले रहे हैं। कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, फर्स्ट लेडी श्रीमती वीना जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन, श्रीमती ऋचा जैन की श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में गरिमामयी मौजूदगी रही।


पूजा में शामिल श्रावक-श्राविकाएं विधान की सफलता और पूर्ण लाभ हेतु कठिन नियमों का पालन कर रहे हैं। श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान में श्री मनोज जैन, श्रीमती नीलिमा जैन, श्रीमती नीलम जैन, प्रो. रवि जैन, डॉ. अर्चना जैन, श्री अतुल जैन, श्री नीरज जैन, डॉ. सैफाली जैन, रानी जैन, अहिंसा जैन, स्वाति जैन, डॉ. आशीष सिंघई, डॉ. विनोद जैन आदि भी मौजूद रहे। मुरादाबाद जैन समाज के परिवार भी इस विधान में हिस्सा लेकर पुण्यार्जन कर रहे हैं, जिसमंे महानगर जैन सभा के अध्यक्ष श्री अनिल जैन, महिला जैन मिलन की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती निधि जैन, श्री अतुल जैन, श्री राजकुमार जैन, श्री एनके जैन आदि गणमान्य नागरिक अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। विधान का सम्पूर्ण संचालन और व्यवस्थापन यूनिवर्सिटी ग्रुप वाइस चेयरमैन की अर्धांगिनी श्रीमती ऋचा जैन और टीम के निर्देशन में हो रहा है। विधान में मोक्ष प्राप्ति की कामना लिए श्रावक-श्राविकाओं के साथ छात्र छात्राएं और शिक्षक भी उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।


श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का महत्व

श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान से दिव्य शक्तियां प्रकट होती हैं। यह विधान सभी विधान का राजा है, इसमें सभी विधान शामिल हैं। यह एक ऐसा अनुष्ठान है, जो हमारे जीवन के सभी पाप, ताप और संताप को नष्ट कर देता है, सिद्ध शब्द का अर्थ है सर्वोच्च आराध्य, चक्र का अर्थ समूह और मंडल का अर्थ एक प्रकार के वृत्ताकार यंत्र से है, जिसमें कई प्रकार के मंत्र और बीजाक्षरों की स्थापना की जाती है। मंत्र शास्त्र के अनुसार इसमें अनेक प्रकार की दिव्य शक्तियां प्रकट हो जाती हैं। श्री सिद्धचक्र मंडल विधान सभी सिद्ध समूह की आराधना मंडल की साक्षी में किया जाता है, जो हमारे सभी मनोरथों को पूरा करता है। पुराणों के अनुसार मैना सुंदरी ने इसी श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के आयोजन से अपने कोढ़ी पति श्रीपाल को कामदेव जैसा सुंदर बना दिया था।

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