भारत को वर्ष 2047 तक सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में से एक बनाने बनाने का लक्ष्य

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The Defence Minister appreciated the fact that due to the steps taken by the Government in the last few years, defence exports have seen a massive jump. “There was a time when India only exported defence equipment worth Rs 1,900 crore. The figure today has crossed Rs 13,000 crore. We have set a target of Rs 1.75 lakh crore of defence production by 2025, including Rs 35,000 crore worth of exports. We are well on course to achieve the target,” he said.

 

नयी दिल्ली, 16  अक्टूबर । राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह: आत्मनिर्भरता और सुरक्षित सीमाएं एक शक्तिशाली ‘न्यू इंडिया’ की कुंजी हैं, इसकी आधारशिला रखी जा चुकी है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत को वर्ष 2047 तक सबसे शक्तिशाली राष्ट्रों में से एक बनाने के लिए सरकार के परिवर्तन लाने के अटूट संकल्प को व्यक्त किया।

श्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों को एक आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग द्वारा निर्मित अत्याधुनिक हथियारों/उपकरणों से लैस करने पर दिए जा रहे सरकार के ध्यान को रेखांकित किया। हाल ही में कमीशन किए गए आईएनएस विक्रांत- जिसमें 76 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री है- का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पास आधुनिक हथियारों और प्लेटफार्मों के निर्माण करने की योग्यता व क्षमता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश अगले दस वर्षों में आधुनिक और प्रभावी जल, भूमि, आकाश एवं अंतरिक्ष रक्षा प्लेटफार्मों का निर्माण शुरू कर देगा।

उन्होंने कहा, “एक समय था जब भारत केवल 1,900 करोड़ रुपये के रक्षा उपकरणों का निर्यात करता था। आज यह आंकड़ा 13,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है। हमने 2025 तक 1.75 लाख करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिसमें 35,000 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। हम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में अग्रसर हैं।”

सीमा क्षेत्र के विकास को सरकार के दृष्टिकोण का एक अन्य पहलू बताते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सशस्त्र बलों की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने हेतु सभी प्रयास किए जा रहे हैं एवं दूर दराज के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को देश से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद, पूर्वोत्तर राज्यों में सशस्त्र बलों एवं आम जनता के बीच असाधारण तालमेल और उनकी देशभक्ति की सराहना की।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि,”पिछले 8.5 वर्षों में हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि पूर्वोत्तर राज्यों में शांति एवं समृद्धि की बहाली रही है। वर्ष 2014 के बाद से पूर्वोत्तर के लगभग हर राज्य में हिंसा की घटनाओं में लगभग 80-90 प्रतिशत की कमी आई है। अधिकांश चरमपंथी संगठन या तो जड़ से उखाड़ दिए गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। 80 प्रतिशत क्षेत्रों से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम को हटा दिया गया है। यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि अब इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और स्थायित्व है।”

रक्षा मंत्री ने पूर्वोत्तर के साथ कनेक्टिविटी को पिछले 8.5 वर्षों में सरकार की एक और उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि हवाई, सड़क एवं रेल संपर्क के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है और अब इस क्षेत्र से सीधा संबंध है।

 

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