Front Pageशिक्षा/साहित्य

गढ़वाल विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा संपन्न, सोशल मीडिया पर प्रसारित घटना की होगी जांच

श्रीनगर (गढ़वाल), 14 जुलाई। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक सत्र 2025-26 की पीएचडी प्रवेश परीक्षा 12 जुलाई को श्रीनगर (चौरास परिसर), टिहरी, देहरादून और दिल्ली स्थित चार परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि परीक्षा का आयोजन निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी तथा सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।

विश्वविद्यालय के अनुसार परीक्षा संचालन के लिए पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के तहत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक, कक्ष निरीक्षक, नियंत्रण कक्ष के अधिकारी तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, अभ्यर्थियों की पहचान के सत्यापन तथा परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया गया।

विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार चारों परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुई तथा कहीं से भी किसी प्रकार की अनियमितता या औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई।

विश्वविद्यालय ने बताया कि चौरास परिसर स्थित परीक्षा केंद्र पर परीक्षा के दौरान कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति बाधित हुई थी, लेकिन उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्थाओं के कारण परीक्षा संचालन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

इसी दौरान लगभग दोपहर 12:30 बजे एक अभ्यर्थी ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति मांगी। विश्वविद्यालय के अनुसार मानवीय आधार पर केंद्र व्यवस्थापक ने परीक्षा नियमों के अनुरूप उसकी प्रश्न पुस्तिका और ओएमआर उत्तर-पत्रक सुरक्षित जमा कराकर उसे परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति प्रदान की।

कुछ समय बाद संबंधित अभ्यर्थी ने पुनः परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर परीक्षा में शामिल होने का अनुरोध किया, लेकिन परीक्षा नियमावली में एक बार कक्ष छोड़ने के बाद दोबारा प्रवेश का कोई प्रावधान नहीं होने के कारण उसे अनुमति नहीं दी गई।

विश्वविद्यालय का कहना है कि इसके बाद संबंधित अभ्यर्थी ने परीक्षा केंद्र के बाहर विरोध प्रदर्शन किया तथा कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर हंगामा करने का प्रयास किया। परीक्षा अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों ने स्थिति को संयमपूर्वक संभाला तथा आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पुलिस की सहायता ली गई। इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई और परीक्षा की शेष प्रक्रिया निर्धारित समय पर बिना किसी व्यवधान के पूरी कराई गई।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। विभिन्न केंद्रों से प्राप्त ओएमआर शीटों को 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।

विश्वविद्यालय ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी भी जारी कर दी है। यदि किसी अभ्यर्थी को अंतिम उत्तर कुंजी पर कोई आपत्ति है तो वह 14 से 15 जुलाई 2026 तक निर्धारित ई-मेल आईडी पर आवश्यक साक्ष्यों सहित अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।

पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डॉ. प्रीतम सिंह नेगी ने कहा कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और समाचार माध्यमों में परीक्षा केंद्र की घटना को तथ्यों से अलग ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जबकि उपलब्ध अभिलेखों और पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के अनुसार पूरी परीक्षा प्रक्रिया विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों के अनुरूप संपन्न हुई तथा परीक्षा की निष्पक्षता, गोपनीयता और पारदर्शिता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।

उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रसारित सूचनाओं को देखते हुए कुलपति के निर्देश पर विश्वविद्यालय स्तर पर एक जांच समिति का गठन किया गया है। इसकी अधिसूचना कुलसचिव द्वारा जारी कर दी गई है। समिति एक-दो दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई और निर्णय लिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!