एमवी होंडियस क्रूज जहाज पर हंटावायरस (Andes Strain) का प्रकोप:
ओशनवाइड एक्सपीडिशंस (Oceanwide Expeditions) के क्रूज़ शिप ‘एम/वी हॉन्डियस’ (m/v Hondius) पर हंटावायरस (Hantavirus) का प्रकोप फैलने के बाद एक गंभीर चिकित्सा आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, इस वायरस के कुल 11 मामले सामने आ चुके हैं और अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। यह क्रूज़ शिप 1 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना के उशुआया (Ushuaia) से 114 यात्रियों के साथ रवाना हुआ था। 11 अप्रैल को जहाज पर एक यात्री की मौत हो गई थी, जिसके बाद 4 मई को हंटावायरस के पहले मामले की आधिकारिक तौर पर पुष्टि हुई।

संक्रमण के मामले सामने आने के बाद, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को विशेष मेडिकल विमानों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। नीदरलैंड में भी एक संक्रमित व्यक्ति को लाया गया है, जहां विशेषज्ञ मेडिकल टीमें उनका इलाज कर रही हैं। इस वायरस का असर केवल जहाज तक सीमित नहीं रहा है; केएलएम (KLM) एयरलाइंस की एक फ्लाइट अटेंडेंट को भी एम्स्टर्डम के एक अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है। यह फ्लाइट अटेंडेंट जोहान्सबर्ग से एम्स्टर्डम की उड़ान के दौरान एक 69 वर्षीय डच महिला के संपर्क में आई थी, जिसकी बाद में हंटावायरस से मौत हो गई। डच स्वास्थ्य अधिकारी अब उस उड़ान के सभी यात्रियों से संपर्क कर रहे हैं ताकि उनमें संक्रमण के किसी भी संभावित लक्षण की निगरानी की जा सके।
वर्तमान में, हॉन्डियस क्रूज़ शिप केप वर्डे से निकलकर कैनरी आइलैंड्स (टेनेरिफ़ के ग्रैनाडिला बंदरगाह) की ओर बढ़ रहा है। WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस ने एक बयान में पुष्टि की है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए WHO का एक प्रतिनिधि और दो डॉक्टर जहाज पर मौजूद हैं। पूरे जहाज को सैनिटाइज़ (कीटाणुमुक्त) कर दिया गया है और सभी यात्री तथा क्रू मेंबर्स अपने-अपने केबिन में कड़े आइसोलेशन (क्वारंटाइन) में हैं।

WHO के अनुसार, कैनरी आइलैंड्स के लिए इस वायरस के फैलने का जोखिम फिलहाल कम आंका गया है और सभी आवश्यक संक्रामक रोग प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जा रहा है। जहाज से मरीजों को निकालने और आइसोलेशन की इस पूरी प्रक्रिया ने कई लोगों को कोविड-19 महामारी के शुरुआती दिनों में क्रूज़ जहाजों पर मची अफरा-तफरी की याद दिला दी है। प्रशासन और स्वास्थ्य एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
घटना का सारांश
अप्रैल 2026 में डच-फ्लैग वाले एक्सपीडिशन क्रूज जहाज एमवी होंडियस (MV Hondius) पर एंडीज हंटावायरस (Andes hantavirus) का दुर्लभ प्रकोप सामने आया। यह जहाज 1 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। यह एक वाइल्डलाइफ और बर्ड-वॉचिंग वाली 33 दिनों की यात्रा थी, जिसमें अंटार्कटिका, साउथ जॉर्जिया और अटलांटिक द्वीप शामिल थे।
जहाज पर लगभग 147 यात्री और क्रू सदस्य (23 देशों से) सवार थे। अब तक कुल 11 मामले (8 पुष्टि, 2 संभावित, 1 अनिर्णीत) सामने आए हैं, जिनमें 3 मौतें हुई हैं। मृत्यु दर लगभग 27% रही है। सभी मामले यात्रियों के हैं; क्रू सदस्यों में कोई पुष्टि नहीं हुई।

संक्रमण का स्रोत और प्रसार
- अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण जहाज पर चढ़ने से पहले दक्षिण अमेरिका (खासकर अर्जेंटीना) में हुआ। सबसे पहले प्रभावित डच दंपति (लियो और मिर्जाम शिल्पेरूर्ड) महीनों से अर्जेंटीना और पड़ोसी देशों में घूम रहे थे।
- संभावित एक्सपोजर: बर्ड-वॉचिंग के दौरान कचरे के ढेर या चूहों के मल-मूत्र से संपर्क।
- एंडीज स्ट्रेन की खासियत: ज्यादातर हंटावायरस केवल चूहों से फैलते हैं, लेकिन यह स्ट्रेन मनुष्य से मनुष्य में भी (लंबे और निकट संपर्क से) फैल सकता है। जहाज की बंद जगहों में यही हुआ माना जा रहा है।

समयरेखा
- अप्रैल 12: पहली मौत (डच यात्री) — शुरू में “प्राकृतिक कारण” बताया गया।
- उनकी पत्नी भी बाद में संक्रमित होकर दक्षिण अफ्रीका में मर गईं।
- तीसरी मौत 2 मई को हुई (जर्मन महिला)।
- जहाज को कई जगहों (केप वर्डे आदि) पर डॉक करने की अनुमति नहीं मिली।
- 10-11 मई: स्पेन के कैनरी द्वीप (टेनेरिफ) पहुंचकर यात्री उतारे गए। विशेष उड़ानों से उन्हें अपने देशों भेजा गया।
- जहाज अब नीदरलैंड्स की ओर जा रहा है, जिसमें कुछ क्रू सदस्य बचे हैं।
वर्तमान स्थिति (मई 2026 तक)
- यात्री अपने-अपने देशों में 42 दिन (इनक्यूबेशन पीरियड) क्वारंटाइन/मॉनिटरिंग में हैं।
- फ्रांस, स्पेन, अमेरिका, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा आदि देशों में निगरानी चल रही है।
- WHO, CDC, ECDC का कहना है कि सामान्य जनता के लिए जोखिम बहुत कम है, क्योंकि वायरस आसानी से हवा से नहीं फैलता। लंबा निकट संपर्क जरूरी है।
- अमेरिका में एक संदिग्ध मामले को बाद में फॉल्स पॉजिटिव पाया गया।

स्वास्थ्य प्रभाव और लक्षण
हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) पैदा करता है — बुखार, सांस लेने में तकलीफ, खांसी और गंभीर मामलों में फेफड़ों की विफलता। मृत्यु दर ऊंची हो सकती है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
- WHO ने कई अपडेट जारी किए।
- स्पेन, यूरोपीय संघ और अन्य देशों ने समन्वय से यात्री उतारने और क्वारंटाइन की व्यवस्था की।
- यात्रियों को PPE में उतारा गया और विशेष उड़ानों से भेजा गया।
- यह घटना COVID के बाद स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन गई है।
यह प्रकोप मुख्य रूप से जहाज से जुड़ा है और सामान्य जनता में फैलने की संभावना नगण्य बताई जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारी यात्रियों से लक्षण (बुखार, सांस की तकलीफ) दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दे रहे हैं।

