भव्य वार्षिक फिल्मोत्सव ‘आईएफएफआई’, जिसमें पूरी दुनिया और भारत की सर्वश्रेष्ठ फिल्में दिखाई जाती हैं, का शुभारंभ 20 नवंबर से

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  • Hollywood Actor and producer Michael Douglas to be present to accept the Satyajit Ray Lifetime Achievement Award at IFFI 54 
  • More than 270 films to be showcased at 4 venues of the festival 
  • IFFI 54 receives 2926 entries from 105 countries; 3 times more international submissions than last year 
  • 32 entries received in 10 languages from 15 OTT platforms for Best Web Series (OTT) Award 
  • Docu-Montage section featuring documentaries from around the world to be showcased at IFFI this year 
  • Restored Classics section featuring 7 world premieres of the world class restorations by NFDC-NFAI under the National Film Heritage Mission introduced at 54th IFFI

 

 

BY- USHA RAWAT 

‘‘भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) दुनिया के 14 सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा फीचर फिल्म महोत्सवों’में से एक है, जो कि इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (एफआईएपीएफ) से मान्यता प्राप्त है, जो कि विश्व स्तर पर फिल्म महोत्सवों का संचालन करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था है। कान, बर्लिन और वेनिस जैसे अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दरअसल ऐसे अन्य प्रतिष्ठित फिल्ममहोत्सव हैं, जो इस श्रेणी के तहत एफआईएपीएफ से मान्यता प्राप्त हैं। इस भव्य वार्षिक फिल्ममहोत्सव में पूरी दुनिया और भारत की सर्वश्रेष्ठ फिल्में पिछले कई वर्षों सेदिखाई जाती रही हैं जिसमें भारतीय फिल्म उद्योग के साथ-साथ दुनिया भर की फिल्म हस्‍ति‍यां प्रतिनिधियों, अतिथियों और वक्ताओं के रूप में इसकी शोभा बढ़ाती हैं।’’ एनएफडीसी के एमडी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव (फिल्म) श्री पृथुल कुमार ने ये बातें कहीं।श्री पृथुल आज यहां पणजी में 54वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लिए आयोजित पूर्वावलोकन संबंधी संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे।संवाददाता सम्मेलन में ईएसजी की उपाध्यक्ष श्रीमती डेलिलाह एम. लोबो;ईएसजी की सीईओ सुश्री अंकिता मिश्रा;पीआईबी, पश्चिमी जोन की महानिदेशक सुश्री मोनीदीपा मुखर्जी; और पीआईबी की महानिदेशक डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ भी उपस्थित थीं।

 

महोत्सव के इस वर्ष के संस्करण के बारे में विस्तार से बताते हुए श्री पृथुल कुमार ने कहा कि आईएफएफआई का मुख्य आकर्षण विश्व सिनेमा में उत्कृष्टता के लिए दिया जाने वाला सत्यजीत रे लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड (एसआरएलटीए) है। वर्तमान में विश्व सिनेमा में सबसे महान अंतरराष्ट्रीय हस्तियों में से एक हॉलीवुड अभिनेता और निर्माता माइकल डगलस इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को पाने के लिए आईएफएफआई में उपस्थित होंगे। उनके साथ उनकी पत्नी और मशहूर अभिनेत्री कैथरीन ज़ेटा-जोन्स भी होंगी।

 

इस फिल्‍म महोत्सव के दौरान 270 से अधिक फिल्में 4 स्थानों – आईनॉक्स पंजिम, माक्विनेज पैलेस, आईनॉक्स पोरवोरिम, जेड स्क्वायर सम्राट अशोक पर प्रदर्शित की जाएंगी। 54वें आईएफएफआई के ‘अंतरराष्ट्रीय खंड’ में 198 फिल्में दिखाई जाएंगी जो 53वें आईएफएफआई से 18 ज्यादा हैं। इसमें 13 विश्व प्रीमियर, 18 अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर, 62 एशिया प्रीमियर और 89 भारत प्रीमियर होंगे। इस वर्ष आईएफएफआई को 105 देशों से रिकॉर्ड संख्या में 2926 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 गुना अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रविष्टियां हैं। ‘भारतीय पैनोरमा’ खंड में भारत की 25 फीचर फिल्में और 20 गैर-फीचर फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। फीचर खंड में ओपनिंग फिल्म मलयालम फिल्म “अट्टम” है, और गैर-फीचर खंड में ओपनिंग फिल्म मणिपुर की “एंड्रो ड्रीम्स” है।

 

आईएफएफआई के 54वें संस्करण के लिए नई पहल के बारे में बताते हुए श्री पृथुल कुमार ने कहा कि इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ वेब सीरीज (ओटीटी) पुरस्कार की शुरुआत की गई है। इसका उद्देश्य ओटीटी प्लेटफार्मों की समृद्ध सामग्री और इसके रचनाकारों को स्वीकार करना, प्रोत्साहित करना और सम्मान देना है। 15 ओटीटी प्लेटफॉर्म से 10 भाषाओं में 32 प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। विजेता सीरीज को पुरस्कार राशि के रूप में प्रमाणपत्र और 10 लाख का नकद पुरस्कार दिया जाएगा, जिसकी घोषणा समापन समारोह में की जाएगी।

 

इस क्षेत्र में भारत की ऑस्कर प्रविष्टि को चिह्नित करने और आज फिल्म निर्माण में वृत्तचित्रों के बढ़ते महत्व को उजागर करने के लिए इस वर्ष दुनिया भर के सम्मोहक वृत्तचित्रों का एक डॉक्यू-मोंटाज खंड भी पेश किया गया है।

 

इसके अलावा, फिल्‍मोत्‍सव में पहली बार रिस्टोर्ड (पुनर्निर्मित) क्लासिक्स खंड भी पेश किया गया है, जिसमें भारतीय क्लासिक्स की क्षतिग्रस्त सेल्युलाइड रीलों से राष्ट्रीय फिल्म विरासत मिशन (एनएफएचएम) के तहत एनएफडीसी-एनएफएआई द्वारा फिर से तैयार की गई फिल्‍मों के 7 विश्व प्रीमियर शामिल हैं। इसके अलावा, इस खंड में 3 अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्मित फिल्में भी प्रदर्शित की जाएंगी।

 

प्रख्यात फिल्म निर्माताओं, छायाकारों व अभिनेताओं के साथ 20 से अधिक ‘मास्टरक्लास’ और ‘इन कन्वर्सेशन’ सत्रों से लैस इस वर्ष के आईएफएफआई का एक सप्ताह बेहद रोमांचक होगा। ये सत्र गोवा के पणजी स्थित फेस्टिवल माइल में पुनर्निर्मित एवं नवीनीकृत कला अकादमी में आयोजित किए जायेंगे। इस वर्ष इन सत्रों में माइकल डगलस, ब्रेंडन गैल्विन, ब्रिलेंटे मेंडोज़ा, सनी देओल, रानी मुखर्जी, विद्या बालन, जॉन गोल्डवाटर, विजय सेतुपति, सारा अली खान, पंकज त्रिपाठी, नवाज़ुद्दीन सिद्धिकी, केके मेनन, करण जौहर, मधुर भंडारकर, मनोज बाजपेयी, कार्तिकी गोंसाल्वेस, बोनी कपूर, अल्लू अरविंद, थियोडोर ग्लक, गुलशन ग्रोवर तथा अन्य हस्तियां भाग लेंगी।

 

पिछले साल शुरू की गई गाला प्रीमियर्स पहल का विस्तार किया जा रहा है। इस वर्ष 12 गाला प्रीमियर और दो विशेष वेब सीरीज प्रीमियर आयोजित किए जायेंगे। आईएफएफआई में इन फिल्म प्रीमियरों में संबद्ध फिल्मों के अभिनेता एवं प्रतिभाएं अपनी फिल्मों को प्रोत्साहित करने हेतु आईएफएफआई के रेड कार्पेट पर चलेंगे।

 

“एनएफडीसी फिल्म बाजार” के 217वें संस्करण में वीएफएक्स एवं टेक पैवेलियन, वृतचित्र एवं गैर-फीचर प्रोजेक्ट्स/फिल्मों, “नॉलेज सीरीज” और “बुक टू बॉक्स ऑफिस” की शुरुआत के साथ इसके आयामों का दायरा बढ़ाया जाएगा। कुल मिलाकर, इस वर्ष फिल्म बाजार के 17वें संस्करण में निर्माण, वितरण या बिक्री हेतु 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजनाएं तैयार और प्रदर्शित की जायेंगी।

 

इस वर्ष आईएफएफआई के 54वें संस्करण में, 75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो (सीएमओटी) उम्मीदवारों के लिए विशेष रूप से सिनेमा के मास्टर्स द्वारा तैयार की गई पेशेवर कक्षाएं भी होंगी और 20 से अधिक अग्रणी कंपनियों के साथ भर्ती के लिए एक “प्रतिभा शिविर” का आयोजन किया जायेगा।

 

इस महोत्सव में यह सुनिश्चित करने हेतु सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी कि महोत्सव के दिव्यांग प्रतिनिधि सभी स्क्रीनिंग और अन्य स्थलों तक सुगमता से पहुंच सकें। इस समारोह को सभी के लिए समावेशी एवं सुलभ बनाने का प्रयास समावेशिता की दिशा में उठाया गया एक कदम है।

आईएफएफआई न केवल सिनेमाई उत्कृष्टता का प्रदर्शन है, बल्कि सांस्कृतिक विविधता का उत्सव भी है। आईएफएफआई सिने-मेला पहल, सिनेमाई उत्सवों को एक शानदार विस्तार प्रदान करेगा, जहां आईएफएफआई में उपस्थित लोग और यहां तक कि अन्य लोग जैसे स्थानीय समुदाय और पर्यटक, जो आईएफएफआई के लिए पंजीकृत नहीं हैं, वे भी सिनेमा, कला, संस्कृति, शिल्प और भोजन का जश्न मनाते हुए रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं। भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा एक प्रदर्शनी लगायी गयी है, जो सिने प्रेमियों को आपसी-संवाद डिस्प्ले के माध्यम से फिल्मों के बारे में जानकारी प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करेगी। प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क है। आईएफएफआई को दुनिया के लिए भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक समारोहों में से एक के रूप में स्थापित करने के लिए कारवां, शिगमोत्सव, गोवा कार्निवल, सेल्फी पॉइंट, आईएफएफआई मर्चेंडाइज और अन्य पहलों के साथ-साथ आम लोगों के लिए तीन स्थानों पर ओपन एयर स्क्रीनिंग भी आयोजित की जाएगी।

 

इसके अलावा, 54वें आईएफएफआई में महोत्सव-स्थलों की संपूर्ण सजावट और ब्रांडिंग के लिए एनएफडीसी और ईएसजी ने एनआईडी, अहमदाबाद के साथ साझेदारी की है।

 

ईएसजी की सीईओ सुश्री अंकिता मिश्रा ने उपस्थित लोगों को 54वें आईएफएफआई के निर्बाध संचालन के लिए विभिन्न लॉजिस्टिक्स व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी, जो प्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय व्यक्तियों को ध्यान में रखते हुई तैयार की गई हैं। इनमें उद्घाटन समारोह के लिए पार्किंग की सुविधाएं, उत्सव स्थलों के बीच मुफ्त परिवहन तथा विभिन्न स्क्रीनिंग और सत्रों की बुकिंग प्रक्रियाएं शामिल हैं।

 

पीआईबी, पश्चिम क्षेत्र की महानिदेशक सुश्री मोनीदीपा मुखर्जी ने मीडिया को उनके लिए उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आईएफएफआई के इस संस्करण के लिए पीआईबी द्वारा की गई अनूठी पहल के बारे में भी बात की। इसमें मीडिया के लिए एक फिल्म समीक्षा कार्यशाला का आयोजन और सभी पीआईबी आईएफएफआई रिलीज के कोंकणी अनुवाद शामिल हैं।

 

ईएसजी की उपाध्यक्ष सुश्री डेलिलाह एम. लोबो ने यह कहते हुए सम्मेलन का समापन किया कि आईएफएफआई में दुनिया भर की सर्वश्रेष्ठ फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी। उन्होंने गोवावासियों को अपने घर पर मौजूद इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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