भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी ऑफ ओमान बीच द्विपक्षीय युद्धाभ्यास नसीम अल बहर

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-उत्तराखंड हिमालय ब्यूरो –
नयी दिल्ली, 26  नवंबर।  भारतीय नौसेना के गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद, अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सुमित्रा एवं समुद्री गश्ती विमान (एमपीए) डोर्नियर ने भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी ऑफ ओमान (आरएनओ) के बीच द्विपक्षीय अभ्यास ‘नसीम अल बहर’ (यानी समुद्री हवा) के 13वें संस्करण में भाग लिया।

यह अभ्यास दिनांक 19 से 24 नवंबर 2022 को ओमान के तट पर आयोजित किया गया था और इसके तीन चरण- बंदरगाह चरण, समुद्री चरण और डीब्रीफ थे। हार्बर चरण के दौरान की गई गतिविधियों में भारतीय नौसेना तथा आरएनओ ऑपरेशन्स टीमों के बीच पेशेवर बातचीत और दोनों नौसेनाओं के बीच मैत्रीपूर्ण खेल आयोजन शामिल थे। भारतीय नौसेना के पोत त्रिकंद एवं सुमित्रा, आरएनओ के जहाजों अल शिनास और अल सीब के साथ समुद्री चरण के लिए रवाना हुए। भारतीय नौसेना के समुद्री गश्ती विमन डोर्नियर, रॉयल नेवी ऑफ ओमान (आरएनओ) के समुद्री गश्ती विमान और तट आधारित आरएएफओ लड़ाकू विमान हॉक्स समुद्री चरण के अभ्यास में शामिल हुए।

समुद्री चरण में सामरिक समुद्री अभ्यास शामिल था जिसमें सरफेस एक्शन, एयर डिफेंस, मेरीटाइम सर्विलांस एंड इंटरडिक्शन/ वीबीएसएस शामिल थे। इन ऑपरेशंस ने इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने के साथ-साथ एक-दूसरे की प्रक्रियाओं संबंधी समझ बढ़ाने में मदद की। दिनांक 23 नवंबर 2022 को डुक्म में आरएनओ नौसेना बेस में अभ्यास का अंतिम चरण डीब्रीफ आयोजित किया गया।

भारत और ओमान के बीच परंपरागत रूप से मधुर और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं, जो एकसमान सांस्कृतिक मूल्यों को साझा करने वाले रहे हैं। नौसेना अभ्यासों ने इन द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूती दी है। भारतीय नौसेना एवं रॉयल नेवी ऑफ ओमान के बीच पहला अभ्यास 1993 में आयोजित किया गया था। इस वर्ष भारतीय नौसेना एवं रॉयल नेवी ऑफ ओमान के बीच द्विपक्षीय अभ्यास के 30 वर्ष पूरे हो रहे हैं।

एक फ्रंटलाइन फ्रिगेट आईएनएस त्रिकन्द हथियारों और सेंसर की बहुमुखी रेंज से लैस है। यह जहाज मुंबई में स्थित भारतीय नौसेना के पश्चिमी बेड़े का एक हिस्सा है। अनेक भूमिकाओं वाला अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सुमित्रा विशाखापत्तनम स्थित भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े का हिस्सा है।

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