हरेला पर आईटीबीपी की आठवीं वाहिनी ने किया वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

गौचर, 18 जुलाई (गुसाईं)। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर आईटीबीपी की आठवीं वाहिनी ने वृक्षारोपण सहित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर पर्व मनाया।
कार्यक्रम का नेतृत्व उप सेनानी मनोज साह ने किया। इस अवसर पर वाहिनी परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण तथा भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण का संदेश देना भी रहा।
उप सेनानी मनोज साह ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जो मनुष्य और प्रकृति के अटूट संबंध को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प ले, तो भविष्य में पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।
कार्यक्रम में वाहिनी के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और जवानों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। पूरे परिसर में प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का उत्साह देखने को मिला।
आईटीबीपी की आठवीं वाहिनी समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। हरेला पर्व के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रकृति संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति वाहिनी की प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।
