कमेड़ा का जाम बना चारधाम यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी, दो घंटे तक फंस रहे वाहन
–दिगपाल गुसाईं की रिपोर्ट-
गौचर, 1 जून । बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कमेड़ा क्षेत्र में लगने वाला जाम चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। स्थिति यह है कि कई बार यात्रियों को इस स्थान से गुजरने में डेढ़ से दो घंटे तक का समय लग रहा है।
दरअसल, कमेड़ा में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के उपचार और सड़क चौड़ीकरण से संबंधित कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन कार्यदायी संस्था आरसीसी कंपनी द्वारा यात्रा शुरू होने से ठीक पहले प्रारंभ किया गया। निर्माण कार्य के चलते सड़क का दायरा सीमित हो गया है, जिसके कारण एक समय में केवल एक दिशा से ही वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है। परिणामस्वरूप दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं।
हालात यह हैं कि जाम की लाइनें कमेड़ा से लेकर गौचर और दूसरी ओर घोलतीर तक पहुंच रही हैं। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस के साथ-साथ आईटीबीपी के जवान भी लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। बावजूद इसके, वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण स्थिति नियंत्रण में लाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
चिलचिलाती धूप में घंटों तक जाम में फंसे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे गंदगी भी बढ़ने लगी है। कई बार कुछ वाहन चालकों द्वारा गलत दिशा से वाहन घुसाने के प्रयास से स्थिति और अधिक बिगड़ जाती है।
इन दिनों चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। साथ ही स्कूल-कॉलेजों में ग्रीष्मावकाश होने के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं, जिससे यातायात का दबाव और बढ़ गया है। यात्रियों के बीच यह चर्चा आम है कि यदि निर्माण कार्य पहले शुरू कर लिया जाता तो यात्रा सीजन में इस प्रकार की परेशानी से बचा जा सकता था।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि जब निर्माण कार्य के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध था, तब कार्यदायी संस्था निष्क्रिय बनी रही और यात्रा शुरू होते ही काम प्रारंभ कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कमेड़ा का जाम देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बीच क्षेत्र की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रहा है। उनका यह भी कहना है कि कछुआ गति से चल रहे निर्माण कार्य के कारण बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
उधर, गौचर चौकी प्रभारी मानवेन्द्र गुसाईं ने बताया कि पुलिस का पूरा ध्यान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर केंद्रित है और जाम की समस्या को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
