कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने पति के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा, हत्या की साजिश और प्रताड़ना के गंभीर आरोप

विवाहित रहते दूसरी महिला से संबंध बनाने, धोखे से शादी करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप; गिरधारी लाल साहू समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
देहरादून, 16 अक्टूबर। उत्तराखंड की महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। मंत्री ने पति पर मानसिक प्रताड़ना, धोखे से विवाह करने, दूसरी महिलाओं से संबंध रखने, दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर करने तथा जान से मारने की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए हैं। उनकी शिकायत के आधार पर देहरादून के कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले ने प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
मीडिया में प्रकाशित समाचारों के अनुसार, मंत्री रेखा आर्य ने अपनी शिकायत में कहा है कि वर्ष 2004 में उनका विवाह गिरधारी लाल साहू से हुआ था। विवाह के समय उन्हें बताया गया था कि साहू पहले से शादीशुदा थे, लेकिन उनका अपनी पहली पत्नी से तलाक हो चुका है। मंत्री का आरोप है कि बाद में उन्हें पता चला कि उनके पति की पहली शादी से संबंधित वास्तविक स्थिति उनसे छिपाई गई थी। पहली शादी से उनके पति के बच्चे भी हैं।
रेखा आर्य ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद लंबे समय तक उन्हें पति की गतिविधियों और अन्य महिलाओं से संबंधों की जानकारी नहीं थी। पिछले कुछ वर्षों के दौरान उन्हें पति के दूसरी महिलाओं से संबंध होने का पता चला। इस विषय पर आपत्ति जताने के बाद उनके प्रति पति का व्यवहार बदलने लगा और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
दूसरी महिलाओं से संबंध और धमकियों का आरोप
मंत्री ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति के कई महिलाओं से संबंध रहे हैं। जब उन्होंने इस बारे में सवाल उठाए तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायत में मारपीट, गाली-गलौज और अपमानजनक शब्दों के प्रयोग का भी उल्लेख किया गया है।
समाचार पत्रों में प्रकाशित विवरण के अनुसार, मंत्री ने आरोप लगाया है कि उनके पति उन्हें जान से मारने की धमकी देते रहे हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि उनके विरुद्ध किसी गंभीर आपराधिक घटना को अंजाम देने की साजिश भी रची जा सकती है।
मंत्री ने शिकायत में यह भी कहा है कि उनके पति ने कुछ दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर किए और उन्हें पद से हटवाने के प्रयास किए। उनका आरोप है कि पति ने उनके राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित करने की भी कोशिश की।
सोशल मीडिया पर सामने आए ऑडियो से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित ऑडियो ने विवाद को और गंभीर बना दिया है। समाचार पत्रों के अनुसार, इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू की एक महिला से बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। बातचीत में कथित रूप से मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गई हैं।
एक समाचार में दावा किया गया है कि ऑडियो में महिला को ब्लैकमेल करने, उसे जेल भिजवाने और मंत्री को नुकसान पहुंचाने जैसी बातें सुनाई देती हैं। कथित बातचीत में मंत्री के कुछ समय तक ही पद पर बने रहने का उल्लेख भी किया गया है।
मंत्री रेखा आर्य ने इस ऑडियो को लेकर भी पुलिस से शिकायत की है। हालांकि, ऑडियो की प्रामाणिकता और उसमें सुनाई देने वाली आवाजों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसकी वास्तविकता और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका पुलिस जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।
मंत्री ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
रेखा आर्य ने अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर आशंका व्यक्त की है। समाचार पत्रों में प्रकाशित उनके बयान के अनुसार, उन्होंने अपने बच्चों को किसी संभावित खतरे से बचाने के लिए पुलिस को पहले भी जानकारी दी थी।
मंत्री ने शिकायत में कहा है कि पति की कथित गतिविधियों और धमकियों के कारण उन्हें अपनी तथा बच्चों की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
अस्पताल में भर्ती हैं गिरधारी लाल साहू
इस बीच गिरधारी लाल साहू के स्वास्थ्य को लेकर भी जानकारी सामने आई है। प्रकाशित समाचारों के अनुसार, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया गया है कि उनका उपचार चल रहा है। हालांकि, उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति तथा चिकित्सकीय जांच के निष्कर्षों की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मुख्यमंत्री ने मामले की जानकारी ली
मामला राज्य सरकार की एक वरिष्ठ मंत्री से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया है। प्रकाशित समाचारों के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेखा आर्य से जुड़े प्रकरण की जानकारी ली है।
एक समाचार में मुख्यमंत्री द्वारा मंत्री के स्वास्थ्य और घटनाक्रम की जानकारी लिए जाने का उल्लेख है। दूसरी ओर, इस मामले में पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई पर भी राजनीतिक और सार्वजनिक हलकों की निगाहें लगी हुई हैं।
कई आपराधिक धाराओं में मुकदमा
समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, कैंट थाने में गिरधारी लाल साहू और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें कथित आपराधिक धमकी, मारपीट, जालसाजी, धोखाधड़ी और अन्य आरोपों से संबंधित प्रावधान शामिल बताए गए हैं।
एक समाचार में भारतीय न्याय संहिता की धारा 120-बी, 323, 420, 467, 468, 471, 495, 498-ए, 504 और 506 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं का उल्लेख किया गया है। हालांकि, प्रकाशित विवरण में कुछ धाराएं पुराने कानून के क्रमांक में दी गई प्रतीत होती हैं। इसलिए प्राथमिकी की आधिकारिक प्रति मिलने पर ही लागू धाराओं की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
राजनीतिक और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा संवेदनशील मामला
रेखा आर्य उत्तराखंड सरकार में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और कल्याण से संबंधित विभाग की मंत्री द्वारा अपने ही पति के खिलाफ इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाए जाने से मामला विशेष रूप से चर्चा में आ गया है।
इस प्रकरण में वैवाहिक संबंधों की वास्तविक स्थिति, कथित दूसरी शादी, दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर, सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो और जान से मारने की धमकियों सहित कई पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल ये सभी आरोप मंत्री की शिकायत और प्रकाशित समाचारों पर आधारित हैं। गिरधारी लाल साहू का विस्तृत पक्ष उपलब्ध समाचार कतरनों में सामने नहीं आया है। आरोपों की सत्यता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही निर्धारित होगी।

