टीएमयू लॉ कॉलेज की मॉडल संसद दुनिया के लिए मिसाल

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जम्मू एंड कश्मीर के आर्टिकल 370 और 35ए पर युवा सांसदों ने की तर्कसंगत जिरह, कॉलेज ऑफ लॉ की ओर से प्रथम अंतः विश्वविद्यालय मॉडल युवा संसद वाद – विवाद प्रतियोगिता में न वॉकआउट और न ही नाहक शोर – शराबा

खास बातें : 

  •  एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने किया संसद का श्रीगणेश
  •  कानूनी छात्रों की पॉजिटिव बहस ने राजनेताओं के समक्ष पेश की बानगी
  •  होम मिनिस्टर के तौर पर सुयश जैन की दलीलों ने जीता दिल
  •  संसदीय कार्यवाही का ज्ञान लॉ स्टुडेंट्स के लिए जरूरीः डॉ. व्यस्त
  • प्रो. हरबंश दीक्षित ने छात्रों को समझाई संसदीय कार्य शैली

-उत्तराखंड हिमालय ब्यूरो –
मुरादाबाद, 14 अक्टूबर ।  तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के लॉ कॉलेज की ओर से प्रथम अंतः विश्वविद्यालय मॉडल युवा संसद वाद – विवाद प्रतियोगिता में संविधान के अनुच्छेद 370 एवम् 35। पर जोरदार जिरह हुई। इसका शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि माननीय सदस्य विधान परिषद डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्व

लित करके किया। इस अविस्मरणीय मौके पर लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरबंश दीक्षित, प्राचार्या प्रो. सुशील कुमार सिंह,निदेशक टिमिट प्रो. विपिन जैन,फाइन आर्ट्स के एचओडी श्री रविन्द्र देव आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही।

प्रश्न काल के दौरान पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों में जम्मू एवं कश्मीर (पुनर्स्थापन)विधेयक पर संसदीय गरिमा का पालन करते हुए जमकर बहस हुई। इस बहस में न तो नेताओं का वॉकआउट था और न ही किसी बिंदु को लेकर तीखी बहस हुई। बेहद अनुशासित माहौल में विद्यार्थियों ने सकारात्मक बहस कर देश के राजनेताओं के समक्ष एक मिसाल कायम की। बेहद शालीन यह संसदीय कार्यवाही दुनिया के लोकतंत्र के मंदिरों के लिए अनुकरणीय है। नेता विपक्ष के रूप में मुहम्मद शाहवेज ने विधेयक को चुनावी स्टंट कहा। वहीं, सांसद विदुषी मिश्रा ने विधेयक को हवा-हवाई कहा। विपक्षी सांसद गुरप्रीत कौर ने इस पर काम रोको प्रस्ताव लाने की मांग की। गृहमंत्री के रूप में सुयश जैन ने प्रभावी तरीके से बिल के समर्थन पर दलील दी, जबकि सत्ता पक्ष के सांसद के रूप में युशरा शाकिर ने कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया। कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में प्रो.मनीष यादव, श्री रविद्र देव एवम् डॉ. अमित वर्मा विशेष तौर पर मौजूद रहे। युवा संसद कार्यक्रम प्रभारी असिस्टेंट प्रो. श्री डाल चंद्र गौतम ने कार्यक्रम के उद्देश्यों की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। युवा संसद में स्पीकर की भूमिका शालिनी जैन ने निभाई। इस मौके पर प्राध्यापक डॉ. सुशील शुक्ला, डॉ. प्रवीण कुमार मल्ल, डॉ. कृष्ण मोहन मालवीय, डॉ. बिशना नन्द दुबे, श्री प्रदीप कुमार कश्यप, श्री अरुणोराज सिंह सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक मौजूद रहे।

कानूनविद बोले
विधि विभाग के डीन प्रो० डा. हरबंश दीक्षित ने संसदीय कार्य शैली को समझाते हुए विश्व के अन्य संविधानों के अंतर्गत संसदीय व्यवस्था का भारतीय संसदीय व्यवस्था के साथ संबंध पर प्रकाश डाला। माननीय सदस्य विधान परिषद डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने संसदीय कार्यवाही की जानकारी को आज के विद्यार्थियों की जरूरत बताया। साथ ही इनकी बारीकियों को विद्यार्थियों के संग साझा किया। प्रो. विपिन जैन ने अपने अभिभाषण में विद्यार्थियों से इस तरह के आयोजनों में हमेशा बढ़चढ़कर हिस्सा लेने पर जोर दिया । कार्यक्रम का समापन करते हुए लॉ कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डा. सुशील कुमार सिंह ने इस तरह की प्रतियोगिता को छात्रों के मानसिक विकास के लिए बहुत जरूरी बताते हुए कहा कि छात्रों को अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी, देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को अपने व्यावहारिक जीवन में अपनाना चाहिए, तभी आदर्श नागरिक बन सकते हैं।

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