उत्तराखंड के परिवार न्यायालयोें में विवाह, तलाक सम्बन्धी 16 हजार केस लम्बित

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देहरादून, 13 मई (उही)। उत्तराखंड में जनवरी 2022 के प्रारंभ में परिवार न्यायालयों में विवाह तलाक आदि परिवार सम्बन्धी 15,997 केस लंबित हैै। ऐसे में जब समान नागरिक संहिता लागू करने की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गयी है तो इसके लागू होने के बाद इसमें भारी बढ़ोत्तरी तथा लंबित केसों के निपटारों में और अधिक समय लगने की प्रबल संभावनायें हैैं।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट को सूचना के अधिकार के तहत उत्तराखण्ड हाइकोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय से मिली मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2022 के प्रारंभ में उत्तराखंड के जिलों में कुल 18 परिवार न्यायालयों में 15997 केस लंबित थे। इसमें सर्वाधिक 5,047 केस हरिद्वार के 3 परिवार न्यायालयों, जबकि सबसे कम 150 केस टिहरी गढ़वाल के परिवार न्यायालय में लंबित है।
नदीम को उपलब्ध विवरण के अनुसार अल्मोड़ा के परिवार न्यायालय में 257, देहरादून के तीन परिवार न्यायालयों में क्रमशः 968, 1048 तथा 1078, ऋषिकेश के परिवार न्यायालय में 583, विकास नगर में 526, हरिद्वार जिले के लक्सर परिवार न्यायालय में 328, रूड़की में 2355, नैैनीताल के परिवार न्यायालय में 606, हल्द्वानी में 1465, कोटद्वार में 641, टिहरी गढ़वाल में 150, रूद्रपुर के दो परिवार न्यायालय में क्रमशः 1022 तथा 354 तथा काशीपुर के परिवार न्यायालय में 1328 केस तथा खटीमा के परिवार न्यायालयों में 742 केस लंबित हैं।
परिवार न्यायालयों में लंबित केसों के दिसम्बर 2021 के विवरण से जिले के 18 परिवार न्यायालयों में विवाह, तलाक तथा परिवार सम्बन्धी अन्य मामलों के कुल 15997 केस 2021 के अंत व 2022 के प्रारंभ में लंबित होना प्रकाश में आया है। जिलावार केसों में अल्मोड़ा जिले के 1 परिवार न्यायालय में 257, देहरादून जिले के 5 परिवार न्यायालयों में 4203 केस, हरिद्वार जिले के 5 परिवार न्यायालयों में 5047, नैैनीताल जिले के 2 परिवार न्यायालयों में 2071, पौैड़ी गढ़वाल जिले के 2 परिवार न्यायालयों में 823, टिहरी गढ़वाल के 1 परिवार न्यायालय में 150 केस, उधमसिंहनगर जिले के 4 परिवार न्यायालयों में 3446 केस लंबित है।

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