नंदा-सुनंदा महोत्सव में पहुंचे धामी, धार्मिक पर्यटन और रोजगार पर जोर

नैनीताल/देहरादून, 23 सितम्बर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नैनीताल में मां नंदा-सुनंदा महोत्सव में भाग लेकर पूजा-अर्चना और आरती की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए स्वरोजगार और स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने नंदा देवी महोत्सव को उत्तराखंड की आस्था, संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण उत्सव बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से लोकगीत, झोड़ा-चांचरी और ढोल-दमाऊं सहित लोक संस्कृति की विभिन्न विधाएं जीवंत होती हैं। नैनीताल पर्यटन नगरी होने के साथ नैना देवी मंदिर, कैंची धाम, हनुमानगढ़ी और मुक्तेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों के कारण आस्था का भी प्रमुख केंद्र है।
धामी ने कहा कि सरकार ‘विकास भी और विरासत भी’ की अवधारणा के तहत कुमाऊं में मानसखंड मंदिर माला मिशन के माध्यम से प्रमुख पौराणिक और धार्मिक स्थलों का विकास कर रही है। नैना देवी, कैंची धाम और मुक्तेश्वर में सुविधाओं के विस्तार से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पर्यटन और संपर्क सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। महिला स्वयं सहायता समूहों को पांच लाख रुपये तक ब्याजमुक्त ऋण देने और उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून और भूमि कानून में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य में अब तक 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार मिला है।
महोत्सव में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक सरिता आर्या, मंडलायुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
