क्षेत्रीय समाचार

लालकुआं क्षेत्र में चार नए श्रमिक सुविधा केंद्र खोलने की कवायद

 

 

लालकुआं। विधानसभा क्षेत्र में श्रमिक कार्ड के नवीनीकरण, पंजीकरण, ई-केवाईसी और श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं के लिए चार नए श्रमिक सुविधा केंद्र शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी हल्द्वानी ने प्रस्तावित केंद्रों की उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर आईडी स्वीकृत करने के लिए उप श्रमायुक्त को पत्र भेजा है।

क्षेत्रीय जनसमस्या निवारण संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक पीयूष जोशी के अनुसार क्षेत्र में सीमित सुविधा केंद्र होने के कारण बड़ी संख्या में श्रमिकों को कार्ड नवीनीकरण, पंजीकरण और अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाओं के लिए लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। समस्या को देखते हुए समिति ने 27 सितंबर को श्रम विभाग को पत्र भेजकर हल्दूचौड़, हल्दूचौड़-दिना, लालकुआं और बिंदुखत्ता में चयनित चार सीएससी केंद्रों को बोर्ड के पोर्टल पर आईडी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।

इसके बाद 29 सितंबर को श्रम प्रवर्तन अधिकारी, हल्द्वानी ने उप श्रमायुक्त, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड, देहरादून को पत्र भेजकर चारों केंद्रों की पोर्टल आईडी स्वीकृत करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया।

विभागीय पत्राचार के अनुसार प्रस्तावित केंद्रों में हल्दूचौड़ में सुशील कुमार भट्ट, हल्दूचौड़-दिना में भारत चोपड़ा का श्रीबालाजी साइबर वर्ल्ड जन सेवा केंद्र, लालकुआं में विशेष कुमार सिंह तथा बिंदुखत्ता में चरण सिंह का सेवांजलि कंप्यूटर एवं सीएससी सेंटर शामिल हैं।

पीयूष जोशी ने इस संबंध में हल्द्वानी में सहायक श्रमायुक्त सुनील तिवारी से मुलाकात कर श्रमिकों की समस्याएं भी रखीं। इस दौरान श्रमिक शिविरों के आयोजन और उनकी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। समिति ने मांग की कि भविष्य में लगने वाले श्रमिक शिविरों की पूर्व सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित क्षेत्र के लोगों को दी जाए। आवश्यकता के अनुसार स्थानीय प्रशासन को भी समय पर सूचित किया जाए, ताकि शिविरों का संचालन व्यवस्थित ढंग से हो सके।

समिति का कहना है कि संबंधित स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद चारों केंद्रों पर सेवाएं शुरू होने से श्रमिकों को अपने क्षेत्र के निकट ही कार्ड नवीनीकरण, पंजीकरण, ई-केवाईसी और अन्य ऑनलाइन सुविधाएं मिल सकेंगी। इससे सीमित केंद्रों पर दबाव कम होने के साथ श्रमिकों को लंबी प्रतीक्षा और दूर आने-जाने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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