भारतीय सेना के 957 टी-90 टैंकों में रेट्रो-मॉडिफिकेशन किया जाएगा

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रक्षा क्षेत्र में भारत सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और बढ़ावा देने के लिए, रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण शाखा ने  युद्धक टैंक-टी-90 के कमांडर साइट के रेट्रो-संशोधन के लिए मैसर्स भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ 1075 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। भारतीय सेना के 957 टी-90 टैंकों में रेट्रो-मॉडिफिकेशन किया जाएगा।

भारत के प्रमुख युद्धक टैंक बैटल टैंक टी-90 की कमांडर साइट वर्तमान में रात में देखने के लिए इमेज कन्वर्टर (आईसी) ट्यूब-आधारित दृष्टि से फिट की जाती है । भारतीय सेना द्वारा अनुमानित आवश्यकता के आधार पर, डीआरडीओ और बीईएल ने संयुक्त रूप से मौजूदा आईसी-आधारित साइट के प्रतिस्थापन के तौर पर एक उन्नत मिड वेव थर्मल इमेज आधारित साइट को डिजाइन और विकसित किया है।

नई रेट्रो-संशोधित कमांडर साइट में दिन और रात के दौरान 8 किलोमीटर पर लक्ष्य का पता लगाने में सक्षम एक थर्मल इमेजर और 5 किलोमीटर तक की दूरी को सटीक रूप से खोजने के लिए एक लेजर रेंजर फाइंडर (एलआरएफ) लगाया जाता है, जिससे लक्ष्य को लंबे समय तक इंगेज करने की क्षमता में वृद्धि होती है। बैलिस्टिक सॉफ्टवेयर और एलआरएफ में सुधार के बाद टी -90 के कमांडर अभूतपूर्व सटीकता के साथ लक्ष्यों का पता लगा सकते हैं, उनको एंगेज कर सकते हैं और उन्हें ख़त्म कर सकते हैं। स्वदेशी रूप से विकसित इस साइट ने वास्तविक परिस्थितियों के हिसाब से व्यापक मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूरा किया है।

थर्मल इमेजर आधारित कमांडर साइट के सफल स्वदेशी विकास से स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास व रक्षा निर्माण को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।

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