देवभूमि उद्यमिता कार्यशाला में विद्यार्थियों को स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित

पोखरी, 30 अप्रैल (राणा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ पोखरी में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को स्वरोजगार, नवाचार और उद्यमिता के प्रति प्रेरित किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद के कार्यक्रम अधिकारी विनोद नेगी एवं महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. रीटा शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. रीटा शर्मा ने कहा कि देवभूमि उद्यमिता योजना उत्तराखंड सरकार एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाकर न केवल अपना भविष्य सशक्त बनाएं, बल्कि रोजगार सृजक भी बनें।
देवभूमि उद्यमिता योजना महाविद्यालय इकाई के संयोजक डॉ. ए.के. श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता कौशल का विकास करना तथा उन्हें व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ना है।
मुख्य वक्ता विनोद नेगी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से उद्यमिता, रोजगार सृजन, नवाचार और आर्थिक विकास जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्टार्टअप और उद्यमिता का वातावरण तेजी से विकसित हुआ है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यवसाय में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के दौरान आयोजित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. कंचन सहगल, मुख्यशास्ता डॉ. संजीव कुमार जुयाल, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. रेनू सनवाल, डॉ. आरती रावत, डॉ. केवलानंद सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ए.के. श्रीवास्तव ने किया।
