टीएमयू में ह्यूमन राइट्स पर भाषण में सुरभि फर्स्ट

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–प्रो. श्याम सुंदर भाटिया

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की ओर से मनवाधिकार पर इक्विटी, रिड्यूसिंग इनइक्विटी, एडवांसिंग ह्यूमन राइट्स पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में सुरभि अग्रवाल ने प्रथम, शिवांगी ने द्वितीय और राशि ठाकुर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस अवसर पर गेस्ट लेक्चर भी हुआ, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि सचिव साहस वेलफेयर श्रीमती कल्पना चूड़ामणि ने शिक्षा के अधिकार, स्त्री शिक्षा, बाल अधिकार आदि मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। श्रीमती कल्पना ने कहा, शिक्षक समाज का निर्माता है। शिक्षकों को अपने विद्यार्थियों को मानव अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए। दूसरी ओर टीएमयू के फिजियोथैरेपी विभाग में एनएसएस की ओर से पीपीटी के जरिए मानवाधिकार के महत्व को बताया गया। कार्यक्रम में बीपीटी के स्टुडेंट्स ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। एनएसएस के समन्वयक डॉ. फरहान खान ने स्टुडेंट्स को मानवाधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। इस मौके पर सवाल-जबाव का दौर भी चला, जिसमें स्टुडेंट्स मानवाधिकारों से जुड़ी अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।

फैकल्टी ऑफ एजुकेशन में कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य वक्ता साहस वेलफेयर सोसाइटी की सचिव श्रीमती कल्पना चूड़ामणि और फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या प्रो. रश्मि मेहरोत्रा ने मां सरस्वती के समक्ष संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया। फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या प्रो. रश्मि मेहरोत्रा ने कहा, मानव के हक, सभ्य जीवन और बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मानव अधिकार आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, मानवाधिकार का अर्थ है- अपने अधिकारों को बिना दूसरों के अधिकारों को हनन पहुंचाए प्राप्त करना। हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी ज्ञान होना चाहिए। गेस्ट लेक्चर में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सुमित गंगवार, श्रीमती नाहिद बी, श्री गौतम कुमार, श्री नितिन कंसल आदि की गरिमामयी मौजूदगी रही। भाषण प्रतियोगिता में बीएड के स्टुडेंट्स मनुबाला, शिवांगी, आयशा, नूरेशबा, प्रशान्त कुमार, राशि ठाकुर, सुरभि, वरशिप अरोडा आदि ने प्रतिभाग किया। संचालन मोहिता वर्मा ने किया।

 

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