विद्यालयों का औचक निरीक्षण, पांच अक्टूबर के दक्षता आकलन में शत-प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश
गौचर, 1 अक्टूबर (गुसाईं)। मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने गुरुवार को नारायणबगड़ क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पांच अक्टूबर को होने वाली द्वितीय दक्षता आधारित आकलन परीक्षा में कक्षा दो, पांच और आठ के शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़, राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय नारायणबगड़, राजकीय इंटर कॉलेज कोटी चांदपुर, राजकीय इंटर कॉलेज जयपुर कोलसों और राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोटी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षण व्यवस्था, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति और उपस्थिति के साथ विद्यालयी वातावरण तथा विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति देखी।
राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़ की प्रार्थना सभा में उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से नशे के विरुद्ध जागरूक रहने का आह्वान किया। विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम पूरा करने के साथ प्रत्येक विद्यार्थी के सीखने के स्तर पर ध्यान देना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि कक्षा दो, पांच और आठ के विद्यार्थियों की द्वितीय दक्षता आधारित आकलन परीक्षा पांच अक्टूबर को होगी। सभी विद्यालयों को परीक्षा में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है। आकलन के बाद उसकी रिपोर्ट विद्यालय स्तर पर उपलब्ध रखने और परिणामों का विश्लेषण कर विद्यार्थियों की कमजोर दक्षताओं की पहचान करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में विद्यार्थी अपेक्षित दक्षता हासिल नहीं कर पा रहे हैं, वहां नियमित अभ्यास, पुनरावृत्ति और उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से सुधार किया जाए। शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन करने और शिक्षण प्रक्रिया को गतिविधि आधारित तथा बाल-केंद्रित बनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने विद्यालयों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अनावश्यक अनुपस्थिति तथा दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि नियमित निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालयों की समस्याओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान और शिक्षण व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करना है।
निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी नारायणबगड़ अनिनाथ तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के प्रधान सहायक राहुल तिवारी भी मौजूद रहे।
