आई०टी०बी०पी० पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित

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-गौचर से दिग्पाल गुसाईं –

भारत तिब्बत सीमा पुलिस वल की 8 वीं वाहिनी के नेतृत्व में शिक्षक दिवस के अवसर पर आई०टी०बी०पी० पब्लिक स्कूल में शिक्षकों के सम्मान में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।


वाहनी परिसर में सेनानी हफीजुल्लाह सिद्दीकी, के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में आई०टी०बी०पी० पब्लिक स्कूल, गौचर में राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य पर शिक्षकों के सम्मान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विद्यालय के निदेशक हफीजुल्लाह सिद्दीकी ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। समारोह के दौरान एल०के०जी० एवं यू०के०जी० कक्षा के बाल छात्र-छात्राओं ने प्रेरणात्मक एवं शिक्षाप्रद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया ।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन के उपरान्त छात्र – छात्राओं द्वारा शिक्षकों के सम्मान में समर्पित भाषण एवं कविताओं के माध्यम से अपने भाव व्यक्त किए। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षा अधिकारी होमबहादुर गुरूंग ने शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के सम्मान में व्याख्यान दिया। इस मौके पर स्कूल की अध्यापिकाओं ने अपने विचार व्यक्त किए। सांस्कृतिक एवं व्याख्यान कार्यक्रम के उपरान्त विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने के साथ ही शिक्षकों को भी सम्मान स्वरूप उचित उपहार किए गए।

कार्यक्रम के अन्त में मुख्य अतिथि महोदय द्वारा शिक्षकों के सम्मान व मार्ग दर्शन हेतु समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभ कामनाऐं दी। कहा कि सामूहिक भागीदारी से व्यापक स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जो कि सराहनीय है। शिक्षक एक मोमबत्ती की तरह होता है जो कि वह स्वयं प्रज्वलित होकर दूसरों को रास्ता दिखाता है। इस बात को चरितार्थ आई०टी०बी०पी० पब्लिक स्कूल के सम्माननीय अध्यापक गणों द्वारा किया गया।मैंनें स्वयं कार्यक्रम के दौरान महसूस किया है कि आप लोगों देश के भविष्य विद्यार्थियों में हर एक अपेक्षित आदर्श नागरिक संस्कार बच्चों के दिलों-दिमाग में उकेरने का भरसक प्रयास किया गया है। एक शिक्षक के व्यवसाय को पेशेवर नहीं माना जाता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा जाता है क्योंकि शिक्षक के अन्दर राष्ट्र निर्माण में सहायक होने वाले सभी प्रकार के गुणों को विकसित करने की एक सर्वश्रेष्ठ क्षमता होती है। शिक्षकों में संवेदना, संचेतना, सद्भाव एवं मानवीय मूल्यों का समावेश होता है। जिसके माध्यम से वह देश के विकास एवं प्रगति में सर्वश्रेष्ठ पीढ़ी का निर्माण करता है। मैं इस कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित अभिभावकों से भी अनुरोध करना चाहूँगा कि आप अपने बच्चों में ऐसे संस्कारों का निमार्ण करें, जिसके माध्यम से आज के बच्चे, जब कल के किशोर एवं युवा बनेंगे तो युवा शक्ति बिखरने के बजाए,संवर सकें जब वो स्कूल एवं कॉलेजों में जाएं तो राष्ट्र निर्माता शिक्षकों को उचित सम्मान प्रदान कर सकेंगें। मैं आई०टी०बी०पी० पब्लिक स्कूल के सम्माननीय अध्यापिकओं को विशेष रूप से शिक्षक दिवस की बहुत – बहुत हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं ज्ञापित करता हूं। इसी तरह से राष्ट्र निर्माण में ऐसी भावी पीढ़ियों का निमार्ण करते रहे जिसमें समाज एवं राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव हो ।

इस अवसर पर कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में द्वितीय कमान अतुल कुमार थवाईत भी मौजूद रहे।

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