ऑपरेशन संकल्प: व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए खाड़ी में डटी है भारतीय नौसेना की तलवार

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–उषा रावत —

भारत के समुद्री हतों की सुरक्षा के उद्देश्य से भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस तलवार वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नौसेना की उपस्थिति के लगातार तीसरे वर्ष में ऑपरेशन संकल्प के लिए तैनात है।

ओमान की खाड़ी में जून, 2019 में व्‍यापारिक जहाजों पर हमलों के बाद, खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में गिरावट को ध्‍यान में रखते हुए, भारतीय नौसेना ने 19 जून, 2019 को खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के लिए ऑपरेशन संकल्‍प नामक कार्रवाई शुरू की थी। इसका उद्देश्‍य ऑरमुज जलडमरूमध्‍य से होकर जाने वाले भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए, भारतीय व्‍यापारिक नाविकों को आश्‍वस्‍त करने के लिए, मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए तथा किसी आकस्मिक स्थिति का मुकाबला करने के लिए भारतीय नौसेना के युद्धक जहाज एवं विमान तैनात किए गए थे। फिलहाल ऑपरेशन संकल्‍प के लिए एक युद्धक जहाज तैनात है।

इस ऑपरेशन को रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा जहाजरानी महानिदेशालय सहित सभी हितधारकों के साथ निकट समन्वय में आगे बढ़ाया जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए नियमित रूप से अंतर-मंत्रालीय बैठकें आयोजित की जाती हैं ।

भारतीय नौसेना खाड़ी क्षेत्र में स्थिति की निगरानी करना जारी रखे हुए है और हमारे समुद्री व्यापार की सुरक्षा तथा इस क्षेत्र से गुजरने वाले भारतीय ध्वज वाहक व्यापारी जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी उपस्थिति बनाए हुए है। भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

भारतीय नौसेना का स्टील्थ फ्रिगेट, आईएनएस तलवार वर्तमान में भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नौसेना की उपस्थिति के लगातार तीसरे वर्ष में ऑपरेशन-संकल्प के लिये तैनात है।यह एक बहु-भूमिका वाला स्टील्थ युद्धपोत है एवं इसने भारत में आयोजित अनेक अभ्यासों में भाग लिया है।

INS तलवार (F40) भारतीय नौसेना के तलवार श्रेणी के युद्धपोतों का प्रमुख जहाज़ है। यह भारतीय नौसेना की तलवार श्रेणी का पोत है। इसे 18 जून 2003  को  भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।शामिल किये जाने के बाद से ही इस पोत को कई नौसैनिक अभियानों  में शामिल किया गया है।यह पोत अपने साथ एचएएल ध्रुव (HAL Dhruv) हेलिकॉप्टर ले जाने की क्षमता भी रखता है।इसकी लम्बाई 124.8 मीटर तथा चौड़ाई 15.2 मीटर है।आईएनएस तलवार (एफ़40) की रफ़्तार 30 नोट्स (56 कि.मी. प्रति घण्टा) बताई गयी है।

 फारस और  ओमान की खाड़ियों में भारत की सैन्य दखल इसलिए जरुरी  :

अरब की खाड़ी हिंद महासागर का एक उथला सीमांत समुद्र है जो अरब प्रायद्वीप और दक्षिण-पश्चिमी ईरान के बीच स्थित है।  इसकी लंबाई लगभग 990 किमी. है और होर्मुज जलसंधि्य में इसकी चौड़ाई अधिकतम लगभग 340 किमी. से लेकर न्यूनतम 55 किमी. तक होती है।  इस क्षेत्र में दुनिया के अनुमानित चिन्हित तेल भंडार का लगभग दो-तिहाई और दुनिया के अनुमानित सिद्ध प्राकृतिक गैस भंडार का एक-तिहाई हिस्सा है। काफी मात्रा में समुद्री व्यापार खाड़ी से होकर गुजरता है, जिसके कारण ईरान, कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य स्थानों पर स्थित बड़े समुद्री टर्मिनलों से दुनिया के सभी हिस्सों में तेल ले जाने वाले बड़े टैंकरों का यातायात होता है।

ओमान की खाड़ी, अरब सागर की उत्तर-पश्चिमी भाग अरब प्रायद्वीप (ओमान) के पूर्वी भाग और ईरान के बीच स्थित है। यह 560 किमी लंबी है और होर्मुज जलसंधि के माध्यम से फारस की खाड़ी से जुड़ती है।  यह फारस की खाड़ी के आसपास के तेल उत्पादक क्षेत्र के लिये एक शिपिंग मार्ग है।  यह अरब सागर और हिंद महासागर से फारस की खाड़ी में एकमात्र प्रवेश द्वार प्रदान करता है। इस प्रकार, दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातकों और आयातकों का इसकी सुरक्षा में संयुक्त हित है।

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