वांक के 64 युवाओं ने सीखे आत्मरक्षा, पर्वतारोहण और खेल के गुर

थराली/देवाल, 3 अक्टूबर (हरेन्द्र बिष्ट)। चमोली जिले के देवाल विकासखंड के वांक गांव में अनंत नन्दा फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित 14 दिवसीय बहुआयामी प्रशिक्षण शिविर शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हो गया। ‘हमारा प्रयास, हुनर की तलाश’ ध्येय के साथ आयोजित शिविर में वांक और आसपास के क्षेत्रों के 64 युवक-युवतियों ने भाग लिया।
अंतरराष्ट्रीय अल्ट्रा ट्रेल रनर एवं पूर्व सैनिक कलम सिंह बिष्ट के नेतृत्व में आयोजित शिविर का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं की प्रतिभा की पहचान कर उन्हें खेल, शारीरिक प्रशिक्षण, आत्मरक्षा, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना था। बिष्ट को सेना में सेवाकाल के दौरान थल सेनाध्यक्ष और जीओसी-इन-सी प्रशस्ति पत्र तथा राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।

अनंत नन्दा फाउंडेशन के संस्थापक एवं निदेशक कलम सिंह बिष्ट ने बताया कि शिविर की गतिविधियों को ‘शास्त्र, शस्त्र और खेल विकास’ की अवधारणा के आधार पर तैयार किया गया था। इसके तहत प्रतिभागियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दौड़, साइकिलिंग, मुक्केबाजी, पर्वतारोहण और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।
भारतीय सेना में भर्ती होने के इच्छुक युवाओं को अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के संबंध में विशेष मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही प्रतिभागियों के बौद्धिक और सांस्कृतिक विकास के लिए संगीत, नृत्य, गायन, चित्रकला और कंप्यूटर शिक्षा का बुनियादी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। शिविर के दौरान युवाओं को पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी के प्रति जागरूक किया गया।
समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवक-युवतियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। वांक गांव की ग्राम प्रधान राधा देवी ने आयोजन के लिए फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं की प्रतिभा निखारने और उन्हें भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में उपयोगी साबित हो सकते हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
