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सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को 72 घंटों के अंदर बाहर निकाले जाने की उम्मीद बंधी

By- Usha Rawat

देहरादून, 22 नवंबर। अगर सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा तो सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को 72 घंटे के अंदर ही  सकुशल रेस्क्यू कर लिया जायेगा। कैमरे की पहुँच सुरंग का अंदर हो जाने के साथ ही भोजन, दवाएँ और कपड़े जैसी आवश्यक पहुंचाए जाने से उत्साहित रेस्क्यू अभियान में जुटे इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और अन्य तकनीकी बचाव दल के हौसले बढ़ गये हैं । इधर ऑगर मशीन फिर से अभियान में जुट गयी है। उम्मीद की जा रही है कि  मोटे पाइपों के जरिये फंसे लोगों तक पहले पहुँच हो जाएगी और उन्ही  के अंदर से लोगों को बाहर निकाल  जाने की ज्यादा संभावना है।

सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के संबंध में बुधवार को अस्थाई मीडिया सेंटर, सिलक्यारा में प्रेस ब्रीफिंग में एम.डी (एनएचआईडीसीएल ) महमूद अहमद ने बताया कि टनल के अंदर 900 एम.एम पाइप को पुश किया गया था। वर्तमान समय में टेलीस्कोपिक मेथड से 900 एम.एम पाइप के अंदर, 800 एम.एम का पाइप को भी पुश कर लिया गया है। ऑगर मशीन से पुनः ड्रिलिंग शुरू करते हुए कुल 39 मीटर तक ड्रिलिंग पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा शेष स्थान पर ड्रिलिंग का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।

एमडी (एनएचआईडीसीएल ) महमूद अहमद ने बताया कि बड़कोट वाले छोर से होरिजेंटल ड्रिलिंग का कार्य शुरू हो गया था। जिसमें तीसरा ब्लास्ट कर लिया गया है। इस स्थान से लगभग 8 मीटर कार्य पूरा हो गया है।

सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि पूर्व में अंदर फंसे श्रमिकों के साथ वीडियो के माध्यम से संवाद हुआ था। अब एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की मदद से ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप तैयार कर लिया गया है। जिसमें वायर, माइक्रोफोन और स्पीकर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि ऑडियो कम्युनिकेशन सेटअप तैयार होने के उपरांत अंदर फंसे श्रमिको की सबसे पहले डॉक्टर से बात करवाई गई। इस क्रम में सभी श्रमिकों की एक-एक करके डॉक्टर से बात करवाई जा रही है। एवं उनका हाल-चाल जाना जा रहा है। उन्होंने कहा अंदर फंसे लोगों को जरूरी दवाइयां भेजी जा रही है। इसके अतिरिक्त मूलभूत सामग्री जैसे टॉवल, ब्रश, छोटे कपड़े भी भेजे जा रहे है।

सचिव उत्तराखंड शासन डॉ. नीरज खैरवाल ने बताया कि श्रमिकों की मेंटल हेल्थ को ध्यान रखते हुए मनोचिकित्सक से भी उनकी बात कराई जा रही है। अंदर फंसे सभी श्रमिक सुरक्षित हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार एवं उत्तराखंड सरकार के विशेष कार्याधिकारी भास्कर खुल्बे, जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, कमांडेंट एसडीआरएफ मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी मौजूद रहे।

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