कोटद्वार निवासी अग्रवाल के नेत्रदान से दो लोगों को मिलेगी नई रोशनी

रक्तदान की तरह नेत्रदान भी मानवता की बड़ी सेवा
कोटद्वार, 8 मई (शिवाली)। स्थानीय निवासी 89 वर्षीय रघुवीर शरण अग्रवाल के निधन के बाद उनके परिवार ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान कराया। उनके पुत्र मनोज कुमार अग्रवाल ने अपने पिता की आंखें दान करने का निर्णय लिया और इस संबंध में ऋषिकेश स्थित निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान से संपर्क किया।
संस्थान के आत्म प्रकाश से वार्ता के बाद नेत्र विशेषज्ञों की टीम कोटद्वार पहुंची और स्वर्गीय अग्रवाल के निवास पर कॉर्निया सुरक्षित रूप से प्राप्त किए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
स्वर्गीय रघुवीर शरण अग्रवाल के नेत्रदान से अब दो नेत्रहीन व्यक्तियों को नई रोशनी मिल सकेगी। निर्मल आश्रम नेत्र संस्थान तथा स्थानीय लोगों ने परिवार की इस सेवा भावना की सराहना की है।
परिजनों ने कहा कि रक्तदान की तरह नेत्रदान भी एक महान दान है, जो किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला ला सकता है। स्वर्गीय अग्रवाल भले ही इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनकी आंखें अब किसी और की आंखों से दुनिया देख सकेंगी।
