आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विख्यात है कार्तिक स्वामी मंदिर

पोखरी, 8 मई (राणा)। उत्तर भारत के एकमात्र प्रसिद्ध कार्तिक स्वामी मंदिर, जो रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद की सीमा पर स्थित क्रौंच पर्वत पर विराजमान है, अपनी धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देशभर में विख्यात है। यहां की मनमोहक वादियां, घने जंगल और शांत वातावरण श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं।
कनकचौरी से मंदिर तक लगभग चार किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पार कर श्रद्धालु और पर्यटक वर्षभर यहां पहुंचते हैं। पैदल मार्ग के दोaनों ओर देवदार, बुरांश और बांज सहित विभिन्न प्रजातियों के घने वृक्ष क्षेत्र की प्राकृतिक छटा को और भी आकर्षक बनाते हैं। ऊंचाई पर स्थित मंदिर से हिमालय की मनोरम चोटियों के दर्शन श्रद्धालुओं को रोमांचित कर देते हैं।
थाला बैंड वार्ड के जिला पंचायत सदस्य बीरेंद्र राणा ने कार्तिक स्वामी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से पैदल मार्ग तथा मंदिर परिसर में स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर कूड़ेदान लगाए गए हैं, जिनका सभी लोगों को उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग से बचने और कूड़ा इधर-उधर न फेंकने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल प्रकृति को नुकसान पहुंचता है, बल्कि क्षेत्र की सुंदरता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि कार्तिक स्वामी की धार्मिक और प्राकृतिक गरिमा बनाए रखने के लिए सभी को सामूहिक सहयोग करना होगा।
