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विश्व धरोहर फूलों की घाटी पर्यटकों के लिए खुली, पहले दिन 108 पर्यटकों ने किया दीदार


प्रकाश कपरुवाण-
ज्योतिर्मठ, 2 जून। विश्व धरोहर के रूप में प्रसिद्ध फूलों की घाटी अब देशी और विदेशी पर्यटकों के स्वागत के लिए खुल गई है। नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान प्रशासन ने 1 जून को घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया। पहले ही दिन 108 पर्यटकों ने घाटी का भ्रमण कर इसकी अनुपम प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लिया।
फूलों की घाटी प्रकृति प्रेमियों, वनस्पति वैज्ञानिकों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए किसी खजाने से कम नहीं है। यहां हिमालयी क्षेत्र की दुर्लभ जड़ी-बूटियों और सैकड़ों प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल पाए जाते हैं। इसकी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक महत्व को देखते हुए यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्रदान किया है।
घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय, होटल, होमस्टे, घोड़ा-खच्चर संचालकों तथा अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी रोजगार और आय के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 1 जून से फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। सामान्यतः यह घाटी अक्टूबर के अंत तक अथवा क्षेत्र में बर्फबारी शुरू होने तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है।
मानसून के आगमन के साथ घाटी में फूलों की बहार शुरू हो जाती है, जो जुलाई से सितंबर के बीच अपने चरम पर पहुंचती है। इस दौरान ब्रह्मकमल, ब्लू पॉपी (नीली पोस्ता) और कोबरा लिली सहित सैकड़ों दुर्लभ प्रजातियों के फूल घाटी की सुंदरता में चार चांद लगा देते हैं।
घाटी के उद्घाटन अवसर पर फूलों की घाटी रेंज की क्षेत्राधिकारी चेतना कांडपाल, पुलिस चौकी घांघरिया के प्रभारी उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह, जीएमवीएन के प्रबंधक किशोर डिमरी, ईको डेवलपमेंट कमेटी के सदस्य, स्थानीय निवासी तथा बड़ी संख्या में पर्यटक उपस्थित रहे।

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