सशस्त्र बलों में आने वाले वर्षों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी होगी: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

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नयी दिल्ली, 17 मार्च (उहि )। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में फिक्की महिला संगठन (एफएलओ) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में अपनी बात रखते हुए कहा, “सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए कदमों के कारण आने वाले वर्षों में सशस्त्र बलों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी होगी।” श्री राजनाथ सिंह ने कहा, “आज महिलाएं न केवल सेना के हर विंग में काम कर रही हैं, बल्कि अब हम उन्हें स्थायी कमीशन भी दे रहे हैं। आज हर सैनिक स्कूल में लड़कों के साथ-साथ लड़कियों को भी प्रवेश दिया जा रहा है। एनडीए के दरवाजे भी महिलाओं के लिए खोल दिए गए हैं। पिछले साल करीब दो लाख महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ प्रवेश परीक्षा दी थी। भारतीय सेना में महिलाओं का प्रतिशत आने वाले समय में काफी बढ़ जाएगा।”

आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में देश भर में मनाए जा रहे ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के हिस्से के रूप में ‘वीमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया’ विषय पर ‘सेलिब्रेटिंग वीमेन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रक्षा मंत्री ने इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए एफएलओ की सराहना की जो एक प्रतीक है ‘नए भारत’  का जहां पुरुष और महिलाएं राष्ट्र के समग्र विकास में समान योगदान दे रहे हैं। उन्होंने वैदिक काल से भारत में महिलाओं को दिए गए समान सम्मान की ओर इशारा करते हुए कहा कि महिलाएं समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा, सरकार महिलाओं को भविष्य के बिल्डिंग ब्लॉक के रूप में मानती है और इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। देश भर में उनका बहुस्तरीय विकास सुनिश्चित करना है।

श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता के लिए समर्पित कई योजनाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा, इन योजनाओं ने महिलाओं के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया है और उन्हें एक नई पहचान बनाने का विश्वास दिलाया है। उन्होंने कहा, “महिलाएं अब शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, व्यापार, रक्षा और खेल सहित जीवन के सभी क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।”

रक्षा मंत्री ने 23 वर्षीय विनीता सिंह का भी विशेष उल्लेख किया, जिन्होंने एक करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज छोड़ दिया और अपना स्टार्टअप लॉन्च किया, जो अब 300 करोड़ रुपये की कंपनी बन गई है। उन्होंने कहा, यह प्रेरक कहानी देश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लाई गई नीति के कारण संभव हुई है। “2014 में, देश में केवल 500 स्टार्टअप काम कर रहे थे। 2022 तक यह संख्या 60,000 को पार कर गई है।”

राजनाथ सिंह ने कई योजनाओं के नाम लिए जिनका उद्देश्य युवाओं, विशेषकर महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देना है। उन्होंने भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि एक अध्ययन के अनुसार, यदि महिलाओं के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाता है, तो कम से कम 1.5 करोड़ नए व्यवसाय शुरू किए जा सकते हैं, जिससे लगभग 6.4 करोड़ अतिरिक्त नौकरियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमिता का यह इकोसिस्टम अधिक महिलाओं को प्रेरित करेगा और नए व्यवसाय सामने आएंगे।

राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत को विश्व की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाने में महिलाएं प्रमुख भूमिका निभाएंगी। उन्होंने देश की महिलाओं से आगे आने और भारत के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वे प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की कल्पना के अनुसार एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में समान भागीदार होंगे।

रक्षा मंत्री ने हिजाब मुद्दे पर कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा, स्कूल/कॉलेजों के ड्रेस कोड का पालन हर धर्म के सभी लोगों को करना चाहिए।

इस अवसर पर राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर को भी श्रद्धांजलि दी गई। स्वर्गीय लता जी की ओर से उनकी बहन उषा मंगेशकर को पुरस्कार दिया गया। रक्षा मंत्री ने भारत कोकिला को याद करते हुए कहा कि वह हर भारतीय के दिल में हमेशा जिंदा रहेंगी। अध्यक्ष, एफएलओ सुश्री उज्ज्वला सिंघानिया और एफएलओ के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।

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