क्षेत्रीय समाचार

विश्व रेडक्रॉस दिवस पर गोष्ठी आयोजित, मानवता की सेवा का दिया संदेश

 

नरेंद्रनगर, 8 मई। धर्मानन्द उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर में आईक्यूएसी के बैनर तले महाविद्यालय की रेड क्रॉस इकाई द्वारा विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रेड क्रॉस के संस्थापक सर हेनरी ड्यूनेंट के जन्मदिवस तथा इस वर्ष की थीम “United in Humanity” के तहत किया गया।

कार्यक्रम में रेड क्रॉस प्रभारी डॉ. संजय महर ने छात्र-छात्राओं को रेड क्रॉस के इतिहास, स्थापना के उद्देश्यों तथा विश्वभर में संस्था द्वारा किए जा रहे मानवीय कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युद्ध, आपदा और संकट के समय रेड क्रॉस मानव सेवा के लिए अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. प्रणीता नंद ने कहा कि रेड क्रॉस ने मानवता को सेवा, सहयोग और करुणा का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि युद्ध और आपदाओं से मानव जीवन को अपूरणीय क्षति पहुंचती है। रूस-यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया के संघर्ष, इन परिस्थितियों में आम जनजीवन सबसे अधिक प्रभावित होता है। उन्होंने बताया कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद रेड क्रॉस ने बड़े स्तर पर राहत एवं पुनर्वास कार्य किए, विस्थापित लोगों की सहायता की तथा लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने का कार्य किया। इसके साथ ही रक्तदान, आपदा प्रबंधन और नागरिक सहायता जैसे कार्यक्रमों को भी व्यापक रूप दिया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से मानवता की सेवा के कार्यों में आगे आने का आह्वान किया।

हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ. जितेंद्र नौटियाल ने इटली में वर्ष 1859 में हुए सोलफेरिनो युद्ध का उल्लेख करते हुए बताया कि हजारों घायल सैनिकों को बिना चिकित्सा सुविधा के तड़पता देख सर हेनरी ड्यूनेंट अत्यंत व्यथित हुए थे। इसी घटना से प्रेरित होकर उन्होंने युद्धकाल में घायल सैनिकों की सहायता के लिए राहत समितियों के गठन का सुझाव दिया, जिसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (आईसीआरसी) की स्थापना हुई। उन्होंने बताया कि हेनरी ड्यूनेंट को मानवीय सेवाओं के लिए वर्ष 1901 में पहला नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था तथा उनके जन्मदिवस 8 मई को प्रतिवर्ष विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर पर डॉ. सोनी, डॉ. सुधा रानी, डॉ. रंजीता, रेड क्रॉस सह-प्रभारी लक्ष्मी कठैत, अजय, शिशुपाल, सोनिया, भूपेंद्र, आयुषी, कल्पना, निशा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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