शीतकालीन पूजाओं के लिए ज्योतिर्मठ पहुँची आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी

ज्योतिर्मठ, 27 नवंबर (कपरुवाण)। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद शीतकालीन व्यवस्थाओं के क्रम में बुधवार देर शाम भगवान नारायण के वाहन श्री गरूड़ जी की देव डोली और गुरुवार को आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी वैदिक मंत्रोच्चार एवं सेना की गढ़वाल स्काउट्स बैंड की भक्तिमय धुनों के साथ ज्योतिर्मठ पहुँची। देवडोली के आगमन पर देवपुजाई समिति, रैकवाल पंचायत तथा स्थानीय श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।

बीते बुधवार को गरूड़ की सुसज्जित डोली बदरीनाथ धाम से रैंकवाल पंचायत अध्यक्ष अनूप पंवार, सोनू बजवाड़ी, देवेंद्र पंवार, आलोक पंवार आदि पदाधिकारियों की अगुवाई में ज्योतिर्मठ पहुँची। देवपुजाई समिति अध्यक्ष अनिल नंबूरी के नेतृत्व में लोअर मार्केट, नृसिंह मंदिर परिसर सहित कई स्थानों पर डोली का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसी क्रम में भगवान नारायण का पवित्र खजाना भी ज्योतिर्मठ लाया गया।
गुरुवार अपराह्न योगबदरी पांडुकेश्वर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी नृसिंह मंदिर पहुँची। मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान तथा अन्य अधिकारियों ने रावल अमरनाथ नंबूदरी और गद्दी के साथ आए धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, वेदपाठी आचार्यों और दफेदारों का स्वागत किया। पूजा-अर्चना के उपरांत गद्दी को शीतकालीन स्थल में विराजमान कराया गया, जहाँ आगामी महीनों में नियमित पूजाएँ होंगी।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने शीतकालीन व्यवस्था के सुचारू संचालन की जानकारी देते हुए बदरीनाथ यात्रा के सफल समापन पर शुभकामनाएँ दीं। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि कपाट बंद होने के बाद 26 नवंबर को श्री उद्धव जी की देव डोली योगबदरी मंदिर और कुबेर की डोली पांडुकेश्वर स्थित उनके शीतकालीन मंदिर में विराजमान हो चुकी है।
ज्योतिर्मठ पहुँचने पर गद्दी का गोविंदघाट, विष्णुप्रयाग, ग्रीफ कैंप मारवाड़ी और मुख्य बाजार में भी भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, सदस्य देवी प्रसाद देवली, पूर्व धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल, वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कपरवाण, प्रशासनिक अधिकारी विजेंद्र बिष्ट, देवपुजाई समिति पदाधिकारी, मंदिर कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
इस दौरान रावल अमरनाथ नंबूदरी ने गढ़वाल स्काउट्स परिसर स्थित मां दुर्गा मंदिर और भगवान विष्णु मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की, जिसमें सेना के अधिकारी और जवान भी शामिल हुए।
