नालियों का निर्माण अधूरा, बरसात से पहले गौचर के दुकानदारों की बढ़ी चिंता
गौचर, 8 मार्च (गुसाईं)। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के दौरान बनाई जानी वाली नालियों का निर्माण वर्षों बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। खासकर पालिका क्षेत्र के मुख्य बाजार और अन्य इलाकों में नालियां अधूरी होने से स्थानीय लोगों और दुकानदारों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के साथ ही सड़क के दोनों ओर जल निकासी के लिए नालियों का निर्माण प्रस्तावित था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कई वर्ष बीत जाने के बावजूद मुख्य बाजार के एक हिस्से में आज तक नाली का निर्माण नहीं किया गया। इसके कारण क्षेत्र में गंदगी का माहौल बना हुआ है और बरसात के समय पानी की निकासी न होने से दुकानों में पानी घुस जाता है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में जब दुकानों और बाजार में पानी भरने लगता है तो व्यापारी और नागरिक आवाज उठाते हैं। उस समय कुछ जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचकर आश्वासन देते हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी निरीक्षण कर समस्या के जल्द समाधान का भरोसा दिलाते हैं। लेकिन जैसे ही बरसात का मौसम समाप्त होता है, मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
इसी तरह का हाल पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 7 के बंदरखंड क्षेत्र के पास भी देखने को मिल रहा है। यहां राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पानी की निकासी के लिए नाली की खुदाई तो कर दी, लेकिन लगभग एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उसका निर्माण पूरा नहीं किया गया। परिणामस्वरूप नाली का पानी जमीन में रिसकर आसपास के घरों तक पहुंचने लगा है, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
गौचर व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लापरवाही का खामियाजा क्षेत्र की जनता और व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि नालियों के निर्माण को लेकर कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ-साथ जिलाधिकारी से भी अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नालियों का निर्माण पूरा नहीं किया गया तो आगामी बरसात में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि समस्या का शीघ्र समाधान करते हुए अधूरी नालियों का निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
