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प्रतीक यादव: राजनीतिक परिवार का गैर-राजनीतिक चेहरा

 

जयसिंह रावत

उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के परिवार का अत्यंत प्रभावशाली स्थान रहा है। इस ‘यादव कुनबे’ के अधिकांश सदस्य—चाहे वह अखिलेश यादव हों, शिवपाल यादव हों, या रामगोपाल यादव—दशकों से सक्रिय राजनीति के केंद्र में रहे हैं। लेकिन इसी परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होने के बावजूद, प्रतीक यादव ने अपने लिए एक बिल्कुल अलग, गैर-राजनीतिक और व्यावसायिक रास्ता चुना। प्रतीक यादव की पहचान केवल मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे के रूप में नहीं है, बल्कि एक सफल रियल एस्टेट कारोबारी और फिटनेस उत्साही के रूप में भी है। नीचे प्रामाणिक तथ्यों के आधार पर उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं का विस्तृत विवरण दिया गया है।

मुलायम सिंह यादव के दत्तक पुत्र

प्रतीक यादव का जन्म 1988 के आसपास हुआ था। जैसा कि सार्वजनिक और कानूनी दस्तावेजों में स्पष्ट है, वह मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी, स्वर्गीय साधना गुप्ता और उनके पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता के जैविक पुत्र हैं। 1989 में साधना गुप्ता और चंद्र प्रकाश गुप्ता के बीच अलगाव हो गया और 1990 में उनका कानूनी रूप से तलाक हो गया। इसके बाद, साधना गुप्ता अपने बेटे प्रतीक के साथ रहने लगीं। समय के साथ, मुलायम सिंह यादव ने प्रतीक को अपने परिवार में स्वीकार कर लिया। स्कूली दस्तावेजों में मुलायम सिंह यादव का नाम उनके ‘गार्जियन’ (अभिभावक) के रूप में दर्ज होने लगा। 2003 में अपनी पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद, मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता से आधिकारिक तौर पर विवाह किया। इसके बाद 2007 में, आय से अधिक संपत्ति के मामले (CBI जांच) के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दायर एक हलफनामे में मुलायम सिंह यादव ने पहली बार सार्वजनिक और कानूनी रूप से साधना गुप्ता को अपनी पत्नी और प्रतीक यादव को अपने बेटे के रूप में स्वीकार किया।

शिक्षा और अकादमिक जीवन

राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद, प्रतीक की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित ‘सिटी मोंटेसरी स्कूल’ (CMS), गोमती नगर शाखा से हुई। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, उन्होंने उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख किया।

प्रतीक यादव ने यूनाइटेड किंगडम (UK) की प्रतिष्ठित ‘लीड्स यूनिवर्सिटी’ (University of Leeds) से मैनेजमेंट (प्रबंधन) में मास्टर ऑफ साइंस (M.Sc.) की डिग्री हासिल की। उनकी यह शैक्षिक पृष्ठभूमि उनके भविष्य के व्यावसायिक उपक्रमों का आधार बनी, क्योंकि उन्होंने राजनीति के बजाय कॉर्पोरेट और बिजनेस जगत में अपना करियर बनाने का निर्णय लिया।

व्यावसायिक जीवन: राजनीति से दूरी

जहां उनके बड़े सौतेले भाई अखिलेश यादव ने राजनीति में प्रवेश किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, वहीं प्रतीक ने हमेशा राजनीति से स्पष्ट दूरी बनाए रखी। उन्होंने कभी भी किसी चुनाव में हिस्सा नहीं लिया और न ही समाजवादी पार्टी के राजनीतिक मंचों पर सक्रिय रूप से नजर आए।

प्रतीक ने अपना ध्यान मुख्य रूप से रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री पर केंद्रित किया। उन्होंने लखनऊ और उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट में बड़े पैमाने पर निवेश किया है। इसके अलावा, फिटनेस के प्रति उनके गहरे जुनून ने उन्हें इस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्रेरित किया। 2015 में, उन्होंने लखनऊ के गोमती नगर इलाके में एक अत्याधुनिक और बेहद आलीशान जिम (Anytime Fitness की फ्रैंचाइज़ी और अन्य फिटनेस सेंटर) की शुरुआत की। इस जिम का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव ने किया था।

व्यक्तिगत जीवन और विवाह

नवंबर 2011 में, प्रतीक यादव का विवाह अपर्णा बिष्ट (अब अपर्णा यादव) से हुआ। अपर्णा, लखनऊ के एक जाने-माने पत्रकार और पूर्व सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी हैं।   अरविंद सिंह बिष्ट उत्तरकाशी जिले के मूल निवासी हैं।   यह विवाह एक भव्य समारोह था जिसमें देश भर के शीर्ष राजनेता, बॉलीवुड हस्तियां और उद्योगपति शामिल हुए थे। प्रतीक और अपर्णा की एक बेटी है, जिसका नाम प्रथमा है।

दिलचस्प बात यह है कि जहां प्रतीक राजनीति से दूर रहे, वहीं उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने राजनीति में गहरी रुचि दिखाई। अपर्णा ने 2017 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लखनऊ कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर लड़ा था (हालांकि वह हार गईं)। बाद में, 2022 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले, अपर्णा यादव ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। अपनी पत्नी के इस राजनीतिक बदलाव के बावजूद, प्रतीक यादव ने सार्वजनिक रूप से कोई राजनीतिक पक्ष नहीं लिया और तटस्थ बने रहे।

जीवनशैली और सार्वजनिक छवि

प्रतीक यादव अपनी आलीशान जीवनशैली और फिटनेस के लिए जाने जाते हैं। वह एक जुनूनी बॉडीबिल्डर हैं और अपने जिम में नियमित रूप से भारी कसरत करते हैं। उनका शारीरिक सौष्ठव अक्सर सोशल मीडिया और समाचारों का विषय रहा है।

इसके अलावा, प्रतीक को महंगी और लग्जरी कारों का बहुत शौक है। 2017 के आसपास, वह तब सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने 5 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली नीले रंग की ‘लेम्बोर्गिनी हुराकान’ (Lamborghini Huracan) स्पोर्ट्स कार खरीदी थी। अक्सर उन्हें लखनऊ की सड़कों पर इस कार को चलाते हुए देखा जाता था। उनके पास अन्य लग्जरी गाड़ियाँ भी हैं।

विवाद और जांच

भारत के सबसे बड़े राजनीतिक परिवारों में से एक से जुड़े होने और बड़ी संपत्ति के मालिक होने के कारण, प्रतीक यादव भी जांच एजेंसियों की नजरों में रहे हैं। 2000 के दशक में मुलायम सिंह यादव परिवार के खिलाफ सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्रतीक यादव का भी नाम था। हालांकि, 2013 में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह मुलायम और उनके बेटों (अखिलेश और प्रतीक) के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले को बंद कर रही है, क्योंकि पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे।

व्यक्तिगत शौक और व्यवसाय को प्राथमिकता

कुल मिलाकर, प्रतीक यादव की कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिसने विरासत में मिली राजनीतिक सत्ता के बजाय अपने व्यक्तिगत शौक और व्यवसाय को प्राथमिकता दी। मुलायम सिंह यादव के पुत्र होने के नाते उन्हें जो पहचान और संसाधन मिले, उनका उपयोग उन्होंने राजनीतिक शक्ति हासिल करने के बजाय एक सफल उद्यमी बनने और अपनी व्यक्तिगत जीवनशैली को संवारने में किया। आज वह उत्तर प्रदेश के एक स्थापित रियल एस्टेट कारोबारी और फिटनेस आइकॉन के रूप में अपनी एक स्वतंत्र पहचान रखते हैं।

( लेख में प्रकट विचार लेखक के निजी हैं, जिनसे एडमिन की सहमति आवश्यक नहीं – एडमिन)

 

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