उत्तराखण्ड में पर्यटन से रोजगार के अवसरों पर व्याख्यान कार्यशाला आयोजित

पोखरी, 28 मार्च ( राणा)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नागनाथ, पोखरी में कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ के तत्वावधान में “उत्तराखण्ड में पर्यटन रोजगार की संभावनाएँ” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य प्रो० (डॉ०) रीटा शर्मा की अध्यक्षता में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो० (डॉ०) रीटा शर्मा, मुख्य शास्ता डॉ० संजीव कुमार जुयाल, महाविद्यालय समारोहक डॉ० नन्द किशोर चमोला तथा मुख्य वक्ता अविजित जमलोकी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कैरियर काउंसलिंग प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ० रामानन्द उनियाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए छात्र-छात्राओं को विषय की जानकारी दी। मुख्य वक्ता अविजित जमलोकी ने अपने व्याख्यान में उत्तराखण्ड के पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध व्यापक रोजगार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्वतारोहण से जुड़े संस्थानों—एनआईएम, एचएमआई और जेआईएम—में संचालित बेसिक व एडवांस कोर्स, सर्च एंड रेस्क्यू तथा स्कीइंग प्रशिक्षण की जानकारी भी साझा की।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन, एडवेंचर गतिविधियां, ट्रैकिंग, वन्यजीव, जड़ी-बूटी अनुसंधान तथा होम-स्टे जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अपार अवसर मौजूद हैं। छात्र-छात्राएं इन क्षेत्रों में स्वरोजगार अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं और अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने पारंपरिक खान-पान, रीति-रिवाज और स्थानीय जीवनशैली को पर्यटन से जोड़कर पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया।
प्राचार्य डॉ० रीटा शर्मा ने अपने संबोधन में उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य का उल्लेख करते हुए पारंपरिक पत्थर एवं काष्ठ कला से निर्मित भवनों के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन धरोहरों के संरक्षण से पर्यटन को और अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ० रामानन्द उनियाल ने सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ० प्रवीण मैठाणी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
