देहरादून मास्टर प्लान-2041 को अंतिम रूप देने की तैयारी तेज, जनभागीदारी पर जोर
देहरादून, 5 अप्रैल। राजधानी देहरादून के सुनियोजित, संतुलित और दीर्घकालिक विकास की दिशा में मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मास्टर प्लान-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप इस योजना को जनभागीदारी, पर्यावरण संतुलन और आधुनिक शहरी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
शनिवार को प्राधिकरण कार्यालय में सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें मास्टर प्लान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा कर इसे अंतिम स्वरूप देने की रणनीति तय की गई। बैठक में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
वार्ड स्तर पर कैंप, जनता से सीधे सुझाव
मास्टर प्लान-2041 को जनकेंद्रित बनाने के लिए प्रत्येक नगर निगम वार्ड में विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से नागरिकों की आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्राप्त सुझावों से योजना अधिक व्यवहारिक और प्रभावी बनेगी। साथ ही नई आवासीय योजनाओं, तलपट मानचित्रों और हरित क्षेत्रों के विस्तार पर भी जोर दिया गया है।
यातायात और आधारभूत ढांचे पर फोकस
बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मास्टर प्लान में सड़क नेटवर्क के विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने और पार्किंग सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी गई है। शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए नए कॉरिडोर, बाईपास और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम प्रस्तावित किए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता
देहरादून की प्राकृतिक पहचान को बनाए रखने के लिए मास्टर प्लान में पर्यावरण संरक्षण को अहम स्थान दिया गया है। नदी तटों के संरक्षण, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और ग्रीन जोन विकसित करने की योजनाएं शामिल की गई हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा।
आपत्तियों के निस्तारण के लिए नई समिति
मास्टर प्लान से संबंधित आपत्तियों और सुझावों के त्वरित निस्तारण के लिए एक नई तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इसमें एमडीडीए के उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव शामिल होंगे। यह समिति समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सभी मामलों की सुनवाई करेगी। जटिल मामलों के समाधान के लिए उपाध्यक्ष को विशेष अधिकार भी दिए गए हैं।
मसूरी के लिए अलग विजन
बैठक में मसूरी क्षेत्र के मास्टर प्लान पर भी चर्चा हुई। संबंधित विभागों से दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मसूरी को एक आदर्श हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया जाए, जहां पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।
विभागीय समन्वय से होगा क्रियान्वयन
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण और पर्यटन विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया है, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
‘भविष्य की रूपरेखा है मास्टर प्लान’
सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मास्टर प्लान-2041 केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि देहरादून के भविष्य की रूपरेखा है। इसे जनभागीदारी और पारदर्शिता के साथ तैयार किया जा रहा है, जिससे योजना अधिक जनोन्मुखी और व्यवहारिक बनेगी।
निवेश के नए अवसर खुलेंगे
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि यह मास्टर प्लान शहर के विकास की दिशा तय करेगा और निवेश के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने बताया कि कन्वेंशन सेंटर, हेल्थ सिटी और गिफ्ट सिटी जैसी परियोजनाएं देहरादून की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी।
‘संतुलित विकास पर रहेगा जोर’
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि योजना को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। वार्ड स्तर पर कैंपों के माध्यम से लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और सभी आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
