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पिपलकोटी हादसा : सेना सुरंग में घुसी, चलाया रेस्क्यू अभियान ३ श्रमिक अब भी लापता

Using specialised rescue equipment, the Army team advanced approximately 1.5 kilometres
inside the tunnel, where they encountered a flooded stretch extending nearly 300 metres, with
water reaching chest height. Despite the hazardous conditions, Army personnel entered the
flooded section and assisted in evacuating the trapped workers.

पिपलकोटी/जोशीमठ, 14 अगस्त (कपरुवाण/ महिपाल )। चमोली जिले के पिपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद भारतीय सेना की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) टुकड़ी ने शुक्रवार को बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जोशीमठ से सेना की एचएडीआर टीम को तत्काल पिपलकोटी रवाना किया गया। टीम में अधिकारी, जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) और जवानों के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित के-9 दल तथा चिकित्सा दल भी शामिल रहे।

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद सेना की टीम ने सुरंग और आसपास के क्षेत्र की विस्तृत टोही की। स्थिति का आकलन करने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सेना के जवानों ने एचसीसी के इंजीनियरों, टीएचडीसी और अन्य बचाव एजेंसियों के साथ समन्वय किया। सुरंग में प्रवेश से पहले भी अंतिम चरण की विस्तृत रेकी की गई।

छाती तक पानी के बीच 1.5 किमी भीतर पहुंची टीम

विशेष बचाव उपकरणों से लैस सेना की टीम सुरंग के भीतर करीब 1.5 किलोमीटर तक पहुंची। इस दौरान जवानों को करीब 300 मीटर लंबे जलमग्न हिस्से से गुजरना पड़ा। इस हिस्से में पानी का स्तर कई स्थानों पर छाती तक था। चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद सेना के जवान जलमग्न हिस्से में दाखिल हुए और फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के अभियान में सहयोग किया।

भारतीय सेना की एचएडीआर टुकड़ी ने बहु-एजेंसी बचाव अभियान में अहम सहयोग दिया और सुरंग से श्रमिकों को बाहर निकालने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

28 प्रभावित, छह खुद निकले बाहर

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी और टीएचडीसी के परियोजना प्रबंधक से प्राप्त नवीनतम जानकारी के अनुसार, हादसे में कुल 28 लोग प्रभावित हुए। इनमें छह लोग सुरंग से स्वयं बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 22 श्रमिक सुरंग के भीतर फंस गए थे।

बचाव अभियान के दौरान 14 श्रमिकों को घायल अवस्था में सुरंग से बाहर निकाला गया। इनमें से दो श्रमिकों ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक पांच मृतकों के शव बरामद किए जा चुके हैं। तीन लोग अभी भी लापता बताए गए हैं।

तीन लापता श्रमिकों की तलाश जारी

पिपलकोटी में तीन लापता श्रमिकों की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। सेना के अलावा जिला प्रशासन, टीएचडीसी और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें सुरंग के भीतर और प्रभावित क्षेत्र में खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं।

भारतीय सेना ने नागरिक प्रशासन तथा अभियान में जुटी सभी एजेंसियों को हरसंभव सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। प्रतिकूल और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सेना के जवान लापता श्रमिकों का पता लगाने तथा उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

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