चीला विद्युत गृह की इकाई-4 का सफल सिंक्रोनाइजेशन, 39 मेगावाट लोड पर हुआ संचालन
देहरादून, 14 अगस्त। यूजेवीएन लिमिटेड के 144 मेगावाट क्षमता वाले चीला विद्युत गृह की इकाई संख्या-4 को व्यापक नवीनीकरण, आधुनिकीकरण एवं उच्चीकरण (आरएमयू) कार्यों के बाद शुक्रवार को सफलतापूर्वक ग्रिड से सिंक्रोनाइज कर दिया गया। सिंक्रोनाइजेशन के दौरान 36 मेगावाट क्षमता वाली इस इकाई को सफलतापूर्वक 39 मेगावाट लोड तक संचालित किया गया। कंपनी के अनुसार, यह इकाई की दक्षता, प्रदर्शन और परिचालन विश्वसनीयता में सुधार का महत्वपूर्ण संकेत है।
यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने बताया कि आरएमयू कार्यों के बाद 14 अगस्त को इकाई संख्या-4 को ग्रिड से जोड़ा गया। निर्धारित परीक्षणों के दौरान इकाई को उसकी स्थापित क्षमता से अधिक 39 मेगावाट लोड पर सफलतापूर्वक संचालित किया गया। उन्होंने कहा कि 36 मेगावाट की इकाई का 39 मेगावाट तक संचालन एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि 36-36 मेगावाट की चार इकाइयों से युक्त चीला विद्युत गृह की कुल स्थापित क्षमता 144 मेगावाट है। इकाई संख्या-4 में किए गए आरएमयू कार्यों का उद्देश्य महत्वपूर्ण विद्युत एवं यांत्रिक उपकरणों तथा सहायक प्रणालियों को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप उन्नत करना, इकाई की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता बढ़ाना तथा उसके सुरक्षित एवं दीर्घकालीन संचालन को सुनिश्चित करना था।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि आरएमयू कार्यों के सफल समापन और इकाई के पुनः ग्रिड से जुड़ने से चीला विद्युत गृह की परिचालन दक्षता एवं विश्वसनीयता को मजबूती मिली है। इससे राज्य की विद्युत व्यवस्था को अतिरिक्त स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने और ग्रिड की मांग के अनुरूप विद्युत आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इकाई की स्थापित क्षमता से अधिक लोड पर सफल संचालन से इसकी बढ़ी हुई क्षमता और प्रदर्शन का पता चलता है। हालांकि, दीर्घकालीन उत्पादन क्षमता का आकलन निर्धारित तकनीकी परीक्षणों और परिचालन मानकों के आधार पर किया जाएगा।
अजय कुमार सिंह ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव ऊर्जा के निरंतर मार्गदर्शन एवं सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन में यूजेवीएन लिमिटेड प्रदेश की जलविद्युत परियोजनाओं के आधुनिकीकरण, क्षमता वृद्धि और बेहतर परिसंपत्ति प्रबंधन के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इकाई संख्या-4 का सफल सिंक्रोनाइजेशन यूजेवीएन लिमिटेड के अधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता एवं तकनीकी दक्षता का परिणाम है। विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय ने भी आरएमयू कार्यों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि चीला विद्युत गृह की इकाई संख्या-4 का पुनः संचालन केवल एक इकाई को ग्रिड से जोड़ने की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह राज्य की मौजूदा जलविद्युत परिसंपत्तियों के आधुनिकीकरण और उन्हें भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रबंध निदेशक ने विश्वास जताया कि इकाई के सफल पुनः संचालन से प्रदेश में स्वच्छ और विश्वसनीय जलविद्युत उत्पादन को मजबूती मिलेगी। इससे उत्तराखंड की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ राज्य की विद्युत जरूरतों को पूरा करने में यूजेवीएन लिमिटेड की भूमिका और प्रभावी होगी।
