सुरक्षा

भारत-नेपाल सीमा पर मैत्री और रक्षा सहयोग को मजबूती, नेपाली सेना को 50 एमएमजी और दो भीष्म क्यूब सौंपे

नई दिल्ली, 14 अगस्त। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों, आपसी विश्वास और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना ने भारत-नेपाल सीमा पर नेपाली सेना को 50 मीडियम मशीन गन (एमएमजी), दो भीष्म (BHISHM) क्यूब और आवश्यक दवाइयां प्रदान कीं। भारतीय सेना के अनुसार, यह सहायता दोनों देशों की सेनाओं के बीच जारी रक्षा सहयोग का हिस्सा है।

इस पहल का उद्देश्य नेपाली सेना की परिचालन तैयारियों, चिकित्सा सहायता क्षमताओं और संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है। उपलब्ध कराई गई सैन्य सामग्री और चिकित्सा सहायता नेपाली सेना की परिचालन एवं आकस्मिक चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी होगी।

चिकित्सा सहायता के लिए भीष्म क्यूब

दो भीष्म क्यूब भी इस सहायता का हिस्सा हैं। यह कॉम्पैक्ट और तेजी से तैनात किया जा सकने वाला चिकित्सा सहायता तंत्र है। आवश्यक दवाइयों के साथ भीष्म क्यूब की उपलब्धता से नेपाली सेना की आपातकालीन चिकित्सा तैयारियों को मजबूती मिलने और आकस्मिक परिस्थितियों में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

मार्च में सौंपे थे 50 सैन्य वाहन

यह सहयोग दोनों सेनाओं के बीच जारी सैन्य सहभागिता की कड़ी है। इससे पहले मार्च 2026 में भारतीय सेना ने नेपाली सेना को 50 सैन्य उपयोगिता वाहन भी सौंपे थे। लगातार की जा रही इस तरह की सहायता दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रक्षा सहयोग और मजबूत संस्थागत संबंधों को दर्शाती है।

भारतीय सेना और नेपाली सेना के संबंध लंबे समय से आपसी सम्मान, विश्वास, सौहार्द और साझा सैन्य परंपराओं पर आधारित रहे हैं। दोनों सेनाओं के बीच नियमित सैन्य आदान-प्रदान, प्रशिक्षण, संयुक्त सैन्य अभ्यास और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से इन संबंधों को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

भारतीय सेना के अनुसार, नवीनतम सहायता भारत-नेपाल रक्षा संबंधों में साझेदारी और सहयोग की भावना को रेखांकित करती है। साथ ही, यह दोनों देशों के बीच कायम मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने में योगदान देगी।

भारतीय सेना ने नेपाली सेना के साथ निकट सहयोग को आगे बढ़ाने तथा दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ, सहयोग और पेशेवर सैन्य सौहार्द को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!