डायट गौचर में दो दिवसीय आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता फॉलोअप कार्यक्रम संपन्न
गौचर, 17 अप्रैल (गुसाईं) । जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में आयोजित दो दिवसीय आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (एफएलएन) अनुवर्ती कार्यक्रम का समापन हो गया। इस कार्यक्रम में कर्णप्रयाग विकासखंड के 86 प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापकों एवं प्रधानाध्यापकों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में वर्ष 2026 तक प्रत्येक विद्यालय को ‘निपुण विद्यालय’ बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय अनुवर्ती कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों ने अपने-अपने उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों को साझा किया। अनुवर्ती प्रशिक्षण में संदर्भदाता के रूप में रजनी नेगी, पानू चौहान एवं विमला रावत ने निर्देशन प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों ने अपने विद्यालयों में किए जा रहे प्रयासों एवं नवाचारों को अन्य शिक्षकों के साथ साझा किया। इस अवसर पर अलका शाह, बबीता नेगी, शशिकला, अनुकंपा, विजय मोहन, मनोज भट्ट, इंदु नेगी, चंद्र वल्लभ देवली, रंजन बिष्ट, पंकज सती तथा बसंत रावत द्वारा अपने विद्यालयों की गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
अनुवर्ती प्रशिक्षण के अंतर्गत 25 दिसंबर 2025 को आयोजित प्रशिक्षण की समीक्षा भी की गई, जिसमें बताया गया कि भविष्य में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बच्चों का परीक्षण ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने शिक्षकों से विद्यालयों में शत-प्रतिशत योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षकों को समय प्रबंधन, स्व-अनुशासन, स्वाध्याय के प्रति रुचि, सहयोग की भावना, व्यसनमुक्त जीवन तथा सच्चरित्र जीवन शैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन डायट संकाय सदस्य कमलेश कुमार मिश्र ने किया। इस मौके पर वरिष्ठ संकाय सदस्य राजेंद्र प्रसाद मैखुरी, डॉ. गजपाल राज, योगेंद्र बर्त्वाल सहित रूम टू रीड संस्था के समन्वयक निशांत वशिष्ठ भी उपस्थित रहे।
