जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान, श्रमदान से बन रहा मिनी स्टेडियम
पोखरी, 21 अप्रैल (राजेश्वरी राणा)। उत्तराखंड की राजनीति में विशेष स्थान रखने वाले पोखरी विकास खंड की गुणम ग्राम पंचायत से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जो न केवल ग्रामीण एकजुटता का उदाहरण है, बल्कि व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। वर्षों से उपेक्षित मांगों से निराश होकर यहां की मातृशक्ति और युवा शक्ति ने अपने नौनिहालों के भविष्य को संवारने के लिए स्वयं पहल करते हुए गांव के खिरगढ़ तोक में श्रमदान के माध्यम से मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है।
ग्राम प्रधान अंजु देवी के नेतृत्व में महिला मंगल दल और नवयुवक मंगल दल के सदस्य पूरे उत्साह के साथ इस कार्य में जुटे हुए हैं। महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुनीता देवी, पुष्पा देवी, नवयुवक मंगल दल अध्यक्ष विटेन्द्र सिंह और पूर्व प्रधान सज्जन सिंह नेगी सहित दर्जनों महिलाएं और युवा प्रतिदिन श्रमदान कर निर्माण कार्य को गति दे रहे हैं। गांव में प्रतिदिन उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है, जहां कोई मिट्टी समतल कर रहा है, कोई पत्थर ढो रहा है, तो कोई निर्माण की रूपरेखा तैयार करने में सहयोग दे रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ग्राम सभा में खेल मैदान निर्माण की मांग की थी। इसके लिए लिखित ज्ञापन भी दिए गए और मौखिक रूप से भी कई बार अनुरोध किया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। समय बीतने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। अंततः ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अब वे अपने बच्चों के भविष्य के साथ समझौता नहीं करेंगे और खुद ही इस दिशा में कदम उठाएंगे।
ग्रामीणों के अनुसार, खेल मैदान के अभाव में गांव के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल पाता था। क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल जैसे खेलों के लिए उन्हें या तो दूर जाना पड़ता था या सीमित संसाधनों में ही अभ्यास करना पड़ता था। इससे न केवल उनका उत्साह प्रभावित होता था, बल्कि उनकी प्रतिभा भी पूरी तरह निखर नहीं पाती थी। ऐसे में यह मिनी स्टेडियम उनके लिए नई उम्मीद बनकर उभर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मिनी स्टेडियम तैयार होने के बाद गांव के बच्चे नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। इससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में वे प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकेंगे। ग्रामीणों को विश्वास है कि यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी विकास खंड से राज्यसभा सांसद एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद भट्ट, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह भण्डारी और बद्रीनाथ के कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला जैसे दिग्गज नेता जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद यदि ग्रामीणों को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए स्वयं आगे आना पड़ रहा है, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल ग्रामीणों का उत्साह चरम पर है और निर्माण कार्य तेजी से जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यह मिनी स्टेडियम तैयार होगा और गांव के बच्चे उसमें खेलते नजर आएंगे। यह पहल न केवल आत्मनिर्भरता का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि मजबूत संकल्प और सामूहिक प्रयास से सीमित संसाधनों में भी बड़े कार्य संभव हैं।
