थानों, देहरादून में ‘सुंदर मधु वाटिका’ का लोकार्पण, मधुमक्खी पालन पर प्रशिक्षण आयोजित

देहरादून, 25 अप्रैल 2026। प्रख्यात पर्यावरणविद स्व. सुंदरलाल बहुगुणा की स्मृति में थानों स्थित स्मृति भवन पर मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम के साथ “सुंदर मधु वाटिका” का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के सहयोग से ILSEF द्वारा, कृषि प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (IATR) के तकनीकी मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि UCOST के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत और विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण ने संयुक्त रूप से वाटिका का उद्घाटन किया। इस दौरान श्री राजीव नयन बहुगुणा भी उपस्थित रहे।
डॉ. प्रीतम भरतवाण ने मधुमक्खियों को “प्रकृति की संवाहक” बताते हुए उनके संरक्षण पर जोर दिया। वहीं प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ग्रामीण युवाओं के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना परिषद की प्राथमिकता है और “सुंदर मधु वाटिका” इस दिशा में एक आदर्श पहल है।
कार्यक्रम के अंतर्गत IATR के विशेषज्ञों ने “आधुनिक तकनीकों से शहद उत्पादन” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। इसमें वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन, बॉक्स प्रबंधन, रोग नियंत्रण, शहद निष्कर्षण, मूल्य संवर्धन और विपणन जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई, जिससे स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिली।
इस अवसर पर IATR के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित उपाध्याय, प्रशिक्षक नवीन नौटियाल, मनमोहन सिंह बिष्ट, वैशाली थापा सहित कई प्रतिभागी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, सतत कृषि और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
