आपदा पूर्व चेतावनी : उत्तराखण्ड में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम से आपदा चेतावनी का सफल परीक्षण
देहरादून, 2 मई। राष्ट्रीय स्तर पर आपदा पूर्व चेतावनी प्रणाली को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने की दिशा में शनिवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट ने उत्तराखण्ड सहित पूरे देश में सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के माध्यम से सफल परीक्षण अलर्ट जारी किया। यह अलर्ट प्रातः 11 बजकर 46 मिनट पर मोबाइल उपभोक्ताओं तक प्रसारित किया गया।
उत्तराखण्ड ने इस आधुनिक तकनीक को शीघ्र लागू करने के लिए केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों के समक्ष लगातार प्रभावी पैरवी की थी। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा एनडीएमए के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
इस सफल परीक्षण के साथ ही राज्य में आपदाओं के दौरान आमजन तक त्वरित और लक्षित चेतावनी संदेश पहुंचाने के लिए सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। इसके माध्यम से अब किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद मोबाइल उपभोक्ताओं को एक साथ अलर्ट भेजे जा सकेंगे।
उल्लेखनीय है कि आगामी मानसून सीजन से पहले इस तकनीक को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री के विशेष अनुरोध पर इसका प्रथम परीक्षण उत्तराखण्ड में ही किया गया था। राज्य सरकार ने उस परीक्षण के आधार पर महत्वपूर्ण तकनीकी और व्यवहारिक फीडबैक राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा सी-डॉट को उपलब्ध कराया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे आपदा-संवेदनशील राज्य के लिए यह तकनीक अत्यंत उपयोगी और वरदान साबित होगी। विशेषकर चारधाम यात्रा और आगामी मानसून के दौरान इसका व्यापक उपयोग किया जाएगा, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को समय रहते सटीक चेतावनी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने लगातार प्रयास किया कि मानसून शुरू होने से पहले यह प्रणाली लागू हो, ताकि संभावित आपदाओं के प्रति समय रहते लोगों को सचेत किया जा सके।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने इसे आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में “गेम-चेंजर” बताते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से राज्य में आपदा जोखिम न्यूनीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। इससे अंतिम व्यक्ति तक समय पर चेतावनी पहुंचाना संभव होगा, जिससे आपदाओं के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया और जनहानि में कमी लाई जा सकेगी।
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र के सभी सक्रिय मोबाइल टावरों के दायरे में आने वाले उपभोक्ताओं को सेल ब्रॉडकास्टिंग तकनीक के माध्यम से स्वतः अलर्ट प्राप्त होगा। यह प्रणाली स्थान-विशिष्ट चेतावनी प्रसारण को सक्षम बनाती है, जिससे केवल प्रभावित क्षेत्र के लोगों को ही संदेश भेजा जाता है और अनावश्यक भ्रम से बचा जा सकता है।
उन्होंने बताया कि यूएसडीएमए ने इस तकनीक के उपयोग के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विशेषज्ञों को एनडीएमए और सी-डॉट के निर्देशन में प्रशिक्षण दिया जा चुका है और अब प्रदेश में इस प्रणाली का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
