विज्ञान की अभूतपूर्व सफलता, 10 साल में 3000 से ज्यादा ब्राउन डॉर्फ़्स खोजे
Although brown dwarfs are common, they can be hard to spot because they shine so faintly compared to stars. Having twice as many brown dwarfs to study allows astronomers a deeper understanding of these elusive objects. Already, this vital new list of brown dwarfs has revealed a new variety of objects – the extreme T subdwarfs and many other rarities, such as ultra-cool objects and a brown dwarf that appears to have aurorae. It has also helped us inventory the distribution of mass in our galaxy and map our cosmic neighborhood.
- A NASA PRESS LELEASE-
जब वैज्ञानिक तारों और ग्रहों की खोज में जुटे रहते हैं, तब दुनिया भर के लाखों आम लोग भी अपने घरों से ब्रह्मांड को नया रूप दे रहे हैं। नासा के ‘Backyard Worlds: Planet 9’ प्रोजेक्ट ने यही कर दिखाया है।
पिछले 10 वर्षों में दुनिया भर के लगभग 2 लाख स्वयंसेवकों ने मिलकर ज्ञात ब्राउन डॉर्फ़्स (भूरे बौने तारों) की संख्या लगभग दोगुनी कर दी है। इस दौरान उन्होंने 3,000 से अधिक नए ब्राउन डॉर्फ़्स की खोज की है। ये खोजें ‘द एस्ट्रोनॉमिकल जर्नल’ में प्रकाशित हो चुकी हैं।
ब्राउन डॉर्फ क्या हैं?
ब्राउन डॉर्फ़्स आकाशगंगा के रहस्यमयी सदस्य हैं। ये बृहस्पति ग्रह के आकार के गैस के गोले होते हैं, लेकिन इतने हल्के कि पूर्ण तारे नहीं बन पाते। सूर्य के आसपास हर तीन-चार तारों पर औसतन एक ब्राउन डॉर्फ़ पाया जाता है। ये इतने मंद प्रकाश वाले होते हैं कि इन्हें ढूंढना बेहद चुनौतीपूर्ण काम है।
अब दोगुनी संख्या में ब्राउन डॉर्फ़्स उपलब्ध होने से वैज्ञानिकों को इनकी संरचना, विकास और आकाशगंगा में द्रव्यमान के वितरण को बेहतर समझने में मदद मिलेगी। इस नई सूची में ‘एक्सट्रीम टी सबड्वार्फ्स’ जैसी नई श्रेणी के ऑब्जेक्ट्स, अत्यधिक ठंडे ब्राउन डॉर्फ़्स और यहां तक कि एक ऐसा ब्राउन डॉर्फ़ भी शामिल है जिसमें ऑरोरा (ध्रुवीय रोशनी) होने के संकेत मिले हैं।
2 लाख स्वयंसेवकों की जीत
इस उपलब्धि का सबसे खास पहलू यह है कि इसमें 75 लेखकों में से 61 स्वयंसेवक हैं। दो लेखक ऐसे हैं जिन्होंने स्वयंसेवक के रूप में शुरुआत की और बाद में खगोल विज्ञान में पेशेवर करियर बना लिया।
अर्जेंटीना के कोर्डोबा शहर से स्वयंसेवक वॉल्टर रुबेन रोब्लेडो ने कहा, “मुझे इस प्रयास में शामिल सभी लोगों को मिले इस सम्मान की बहुत सराहना है।”
मेक्सिको सिटी की मायाहुएल टॉर्रेस ग्वेररो ने खुशी जताते हुए कहा, “जब मुझे सह-लेखक बनने की खबर मिली तो मैंने सोचा — हाँ, सपने सच होते हैं।”
कैसे की गई खोज?
स्वयंसेवकों ने नासा के WISE और NEOWISE-R टेलीस्कोप द्वारा 16 वर्षों में ली गई इंफ्रारेड तस्वीरों को Zooniverse प्लेटफॉर्म पर एक-एक करके देखा। उन्होंने तस्वीरों को ब्लिंक (फ्लिकर) करके उन वस्तुओं को पहचाना जो अपनी जगह बदल रही थीं। कई स्वयंसेवकों ने खुद सॉफ्टवेयर और सर्च टूल्स भी विकसित किए।
प्रोजेक्ट के प्रमुख शोधकर्ता, यूएस नेवल ऑब्जर्वेटरी के खगोलविद् एडम श्नाइडर ने स्वयंसेवकों के योगदान को सराहा।
अभी भी मौका है!
प्रोजेक्ट अभी भी WISE टेलीस्कोप द्वारा देखे गए 2 अरब से ज्यादा स्रोतों की जांच कर रहा है। कोई भी व्यक्ति backyardworlds.org पर जाकर इस अभियान का हिस्सा बन सकता है। आपको बस कंप्यूटर और थोड़ा समय चाहिए।
यह प्रोजेक्ट नागरिक विज्ञान (Citizen Science) की उस ताकत को दिखाता है जिसमें आम आदमी भी ब्रह्मांड की खोज में वैज्ञानिकों के बराबर योगदान दे सकता है।
