क्षेत्रीय समाचार

कैरियर गाइडेंस एवं एडोलसेंस कार्यशाला में विद्यार्थियों को दी भविष्य निर्माण की जानकारी

पोखरी, 12 मई (राणा)। राजकीय इंटर कॉलेज उडामाडा में समग्र शिक्षा अभियान के तहत मंगलवार को कैरियर गाइडेंस एवं एडोलसेंस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को भविष्य की दिशा तय करने, विषय चयन, विभिन्न करियर विकल्पों तथा किशोरावस्था से जुड़े शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शिक्षकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए सही मार्गदर्शन को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट एवं प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद किमोठी ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए प्रारंभिक स्तर पर सही मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कैरियर गाइडेंस के माध्यम से छात्र अपनी रुचि, क्षमता और योग्यता के अनुरूप सही क्षेत्र का चयन कर सकते हैं। इससे समय और संसाधनों की अनावश्यक बर्बादी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान, कला, वाणिज्य, तकनीकी शिक्षा, खेल, कृषि एवं स्वरोजगार सहित अनेक क्षेत्रों में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं। आवश्यकता केवल सही दिशा और मेहनत की है।
उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा साइकोमेट्रिक परीक्षणों की जानकारी देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रवक्ता दयाल सिंह गड़िया ने कहा कि प्रभावी करियर मार्गदर्शन के लिए विद्यार्थियों को सबसे पहले स्वयं का मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को अपनी रुचियों, क्षमताओं और लक्ष्य को पहचानकर उसी के अनुरूप तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञान और कौशल विकास को भी आवश्यक बताया।
प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद किमोठी ने कहा कि हाईस्कूल के बाद विषय चयन विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय होता है। कई छात्र बिना पर्याप्त जानकारी और रुचि के विषय चुन लेते हैं, जिससे आगे चलकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों से सोच-समझकर विषय चयन करने तथा लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान बालिका एडोलसेंस कार्यक्रम के अंतर्गत एएनएम रेखा रावत ने किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक परिवर्तनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 से 19 वर्ष की आयु किशोरावस्था का महत्वपूर्ण चरण होती है, जिसमें बच्चों के शरीर और व्यवहार में तेजी से बदलाव आते हैं। इस दौरान सही परामर्श और पारिवारिक सहयोग की विशेष आवश्यकता होती है।
उन्होंने छात्राओं को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, मानसिक तनाव, आत्मविश्वास एवं सामाजिक व्यवहार से जुड़े विषयों पर जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में तनाव, चिंता और भावनात्मक उतार-चढ़ाव सामान्य हैं, लेकिन सकारात्मक सोच और सही मार्गदर्शन से इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने प्रियंका रावत के निर्देशन में कैरियर गाइडेंस एवं एडोलसेंस विषय पर जागरूकता नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से छात्राओं ने शिक्षा, करियर चयन और किशोरावस्था से जुड़े मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम का संचालन भी प्रियंका रावत ने किया।
इस अवसर पर हरेंद्र चौधरी, अंजन सिंह नेगी, दिनेश जग्गी, राज किशोर, अनिल कुमार, ज्योति पंत, रजनी नेगी, अंजलि सेमवाल, मीरा रावत, हिमांशु कंसवाल, सूरज चंद्रा, भूपेंद्र सिंह, नंदन सिंह, रजपाल रडवाल, रंजू असवाल सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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