मार्च की तुलना में अप्रैल 2026 में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़ी, महंगाई का ग्राफ ऊपर चढ़ा
Real time price data are collected from selected 1407 urban Markets (including online markets) and 1465 villages covering all States/UTs through personal visits by field staff of Field Operations Division of NSO, MoSPI on a weekly roster. During the month of April, 2026, prices were collected from 100% rural and urban markets while the market-wise prices reported therein were 99.44% for rural markets and 99.82% for urban markets.

नई दिल्ली। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 3.48 प्रतिशत रही, जो मार्च 2026 के 3.40 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है। इससे साफ है कि महंगाई में हल्की बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुद्रास्फीति 3.74 प्रतिशत (मार्च में 3.63%) और शहरी क्षेत्रों में 3.16 प्रतिशत (मार्च में 3.11%) रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में मुद्रास्फीति 3.74 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.16 प्रतिशत दर्ज की गई। उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति अप्रैल में 4.20 प्रतिशत रही, जो मार्च के 3.87 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य मुद्रास्फीति 4.26 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 4.10 प्रतिशत रही।
खाद्य मुद्रास्फीति भी बढ़कर 4.20 प्रतिशत हो गई, जबकि मार्च में यह 3.87 प्रतिशत थी।
मुख्य आंकड़े (मार्च vs अप्रैल)
- समग्र CPI मुद्रास्फीति: 3.40% → 3.48% (बढ़ी)
- खाद्य मुद्रास्फीति (CFPI): 3.87% → 4.20% (बढ़ी)
- ग्रामीण मुद्रास्फीति: 3.63% → 3.74% (बढ़ी)
- शहरी मुद्रास्फीति: 3.11% → 3.16% (बढ़ी)
किन वस्तुओं में राहत मिली? अप्रैल में कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में राहत देखने को मिली। आलू की मुद्रास्फीति -23.69 प्रतिशत, प्याज की -17.67 प्रतिशत रही। इसके अलावा मोटर कार-जीप, मटर-छोले और एयर कंडीशनर जैसी वस्तुओं की कीमतें भी घटीं। ये नकारात्मक मुद्रास्फीति वाले आंकड़े आम उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर हैं।
किन वस्तुओं में दबाव रहा? दूसरी ओर कुछ वस्तुओं में महंगाई काफी अधिक रही। चांदी के आभूषणों में 144.34 प्रतिशत, सोने-हीरे के आभूषणों में 40.72 प्रतिशत, नारियल (कोपरा) में 44.55 प्रतिशत, टमाटर में 35.28 प्रतिशत और फूलगोभी में 25.58 प्रतिशत मुद्रास्फीति दर्ज की गई। आवास मुद्रास्फीति अपेक्षाकृत कम 2.15 प्रतिशत रही।
- अप्रैल, 2026 में अखिल भारतीय संयुक्त स्तर पर कम मुद्रास्फीति वाली शीर्ष 5 प्रमुख वस्तुएं नीचे दी गई तालिका में दी गई हैं:
| क्रम संख्या | वस्तु
|
वजन | मुद्रास्फीति (प्रतिशत)
मार्च, 2026 |
मुद्रास्फीति (प्रतिशत)
अप्रैल, 2026 |
|
| 1 | आलू | ![]() |
0.7549
|
-19.03
|
-23.69
|
| 2 | प्याज | ![]() |
0.7006
|
-27.78
|
-17.67
|
| 3 | मोटर कार और जीप |
|
0.4665 | -6.91
|
-7.12 |
| 4 | मटर, छोले | ![]() |
0.0516
|
-7.88
|
-6.75
|
| 5 | एअर कंडीशनर |
|
0.0446 | -5.81 | -5.06 |
राज्यों की स्थिति राज्यों में तेलंगाना में सबसे अधिक 5.81 प्रतिशत मुद्रास्फीति रही। पुदुचेरी (4.41%), तमिलनाडु (4.18%), सिक्किम (4.16%) और आंध्र प्रदेश (4.20%) में भी महंगाई अपेक्षाकृत अधिक रही। वहीं कई राज्य जैसे छत्तीसगढ़, गोवा, मिजोरम आदि में मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत से नीचे रही।
डेटा संग्रहण राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के फील्ड स्टाफ द्वारा 1407 शहरी बाजारों और 1465 गांवों से साप्ताहिक आधार पर वास्तविक मूल्य डेटा एकत्र किया जाता है। अप्रैल 2026 में लगभग 100 प्रतिशत बाजारों से डेटा प्राप्त हुआ, जो रिपोर्ट की विश्वसनीयता को दर्शाता है।
कुल मिलाकर, अप्रैल 2026 के आंकड़े दिखाते हैं कि मुद्रास्फीति अभी भी आरबीआई के लक्ष्य सीमा के अंदर है, हालांकि खाद्य वस्तुओं खासकर कुछ सब्जियों और आभूषणों में दबाव बना हुआ है। आम नागरिकों के लिए यह मिश्रित स्थिति है — जहां कुछ चीजें सस्ती हुई हैं, वहीं कुछ जरूरी और प्रतिष्ठित वस्तुओं में महंगाई का असर साफ दिख रहा है।
- अप्रैल, 2026 में अखिल भारतीय संयुक्त स्तर पर उच्च मुद्रास्फीति वाली शीर्ष 5 प्रमुख वस्तुएं नीचे दी गई तालिका में दी गई हैं:
| S.No। | समाचार | वजन | मुद्रास्फीति (प्रतिशत)
मार्च, 2026 |
मुद्रास्फीति (प्रतिशत)
मार्च, 2026 |
|
| 1 | चांदी के आभूषण | ![]() |
0.3127
|
148.42
|
144.34 |
| 2 | नारियल: कोपरा | ![]() |
0.0854
|
45.54
|
44.55 |
| 3 | सोना/हीरा/प्लेटिनम आभूषण | ![]() |
0.6230
|
45.88
|
40.72 |
| 4 | टमाटर | ![]() |
0.4961
|
36.00
|
35.28 |
| 5 | फूलगोभी | ![]() |
0.2330
|
34.16
|
25.58 |
मई 2026 के सीपीआई आंकड़े 12 जून 2026 को जारी किए जाएंगे। विस्तृत राज्यवार और मदवार आंकड़े MOSPI के e-Sankhyiki पोर्टल पर उपलब्ध हैं।









