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गौचर मिनी स्टेडियम पर फिर सियासत, तीसरे भूमि पूजन पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

 

98.11 लाख की लागत से निर्माण कार्य शुरू, विधायक ने बताया खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ी सौगात

गौचर, 10 जून (दिगपाल गुसाईं)। जनपद चमोली के ऐतिहासिक गौचर मैदान में प्रस्तावित मिनी स्टेडियम के निर्माण को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने 98.11 लाख रुपये की लागत से बनने वाले मिनी स्टेडियम का भूमि पूजन किया, वहीं कांग्रेस ने इसे विधानसभा चुनाव से पहले का “चुनावी शिगूफा” बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।

युवा कल्याण विभाग के तत्वावधान में बनने वाले इस मिनी स्टेडियम के भूमि पूजन अवसर पर विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि क्षेत्र के खेलप्रेमियों और युवाओं की लंबे समय से मांग थी कि गौचर मैदान में खेल सुविधाओं का विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि स्टेडियम बनने से क्षेत्रीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और भविष्य में यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संभव हो सकेगा। उन्होंने राज्य सरकार की विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।


हालांकि कार्यक्रम के बाद कांग्रेस ने इस परियोजना को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे मुकेश नेगी ने दावा किया कि गौचर मिनी स्टेडियम का यह तीसरा भूमि पूजन है। उनके अनुसार कांग्रेस शासनकाल में स्टेडियम के लिए 40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे तथा उत्तर प्रदेश निर्माण निगम के माध्यम से मैदान का समतलीकरण और चारदीवारी का निर्माण कराया गया था। उन्होंने कहा कि 7 जनवरी 2022 को तत्कालीन विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी ने भी 44 लाख रुपये की लागत से बनने वाले स्टेडियम की आधारशिला रखी थी, लेकिन कार्य आगे नहीं बढ़ सका।
मुकेश नेगी का आरोप है कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर होती तो स्टेडियम अब तक बन चुका होता। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही एक ही परियोजना का बार-बार भूमि पूजन कर जनता की भावनाओं का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि स्टेडियम के स्वरूप और उपयोगिता को लेकर स्थानीय जनता से कोई राय नहीं ली गई, जबकि इसी मैदान में प्रतिवर्ष प्रसिद्ध गौचर मेले का आयोजन होता है।
इस प्रकार मिनी स्टेडियम की शुरुआत के साथ जहां खेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीदें जगी हैं, वहीं परियोजना के पुराने इतिहास और बार-बार हुए भूमि पूजन को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहराता दिखाई दे रहा है। अब क्षेत्र की जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि इस बार निर्माण कार्य वास्तव में धरातल पर कितना आगे बढ़ता है।

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