जोशीमठ-औली रोपवे के पुनः संचालन की मांग तेज, पर्यटन व्यवसायियों ने सांसद को भेजा ज्ञापन
ज्योतिर्मठ, 16 जून (कपरुवाण)। सीमांत धार्मिक एवं पर्यटन नगरी जोशीमठ-ज्योतिर्मठ तथा विश्व प्रसिद्ध हिमक्रीड़ा केंद्र औली की पहचान रहे जोशीमठ-औली रोपवे के पुनः संचालन की मांग को लेकर स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों एवं विभिन्न संगठनों ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी को ज्ञापन भेजा है।
पर्यटन व्यवसायियों और शीतकालीन खेलों से जुड़े संगठनों द्वारा भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2023 में जोशीमठ भू-धंसाव आपदा के दौरान सुरक्षा कारणों से रोपवे का संचालन बंद कर दिया गया था। तब से क्षेत्र के लोग कई बार रोपवे की तकनीकी समीक्षा एवं परीक्षण कर इसके पुनः संचालन की मांग उठाते रहे हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि रोपवे बंद होने से स्थानीय पर्यटन गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है तथा रोजगार के अवसर भी कम हुए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि एशिया के सबसे लंबे रोपवे में शामिल जोशीमठ-औली रोपवे के बंद रहने से पर्यटकों की आवाजाही में भी कमी आई है।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि आगामी शीतकालीन पर्यटन सीजन से पूर्व रोपवे की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक सुरक्षा मानकों के अनुरूप इसका संचालन पुनः शुरू किया जाए, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।
ज्ञापन पर नेशनल स्की कोच अजय भट्ट, शिवांचल सेमवाल, संतोष सिंह, दीपक भंडारी, विपुल भट्ट, दिगपाल सिंह, दयाल सिंह, कुलदीप कवाण, अनिल सकलानी, विनोद सेमवाल, अनुज भुजवाण सहित अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं।
